ब्लॉगसेतु

Lokendra Singh
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 स माचार-पत्र और न्यूज चैनल्स धीरे-धीरे अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे हैं। लोगों को अब समाचार-पत्र में प्रकाशित होने वाली सामग्री पर पूरा-पूरा भरोसा नहीं रहा। अलग-अलग न्यूज चैनल्स पर आने वाले समाचारों को लेकर भी दर्शकों का मानना है कि सब सच नहीं है। एक ही खबर क...
Lokendra Singh
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 छ त्तीसगढ़ की राजनीतिक राजधानी जरूर रायपुर है लेकिन छत्तीसगढ़ का असली रंग तो बस्तर में ही है। संभवत: यही कारण है कि बस्तर को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। अहो बस्तर, तुम भाग्यशाली हो, अभी भी प्रकृति की गोद में हो। इंद्रावति नदी तुमको सिंचित करत...
अविनाश वाचस्पति
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##पावन स्‍मृति व्‍यंग्‍यकार के.पी. सक्‍सेना का सफरनामा वनस्‍पति विज्ञान से जन व्यंग्‍य तक का सफलतम सफर भारतीय रेल सेवा में तीन दशक तक यात्रा करके कालिका प्रसाद सक्‍सेना ने जिया और उनको सक्‍सेस ने कभी न नहीं की। इसमें कीर्तिमान तब स्‍थापित हुआ जब उन्‍होंने...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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“हिंदुस्तान का बँटवारा मुस्लिम कौम के लिए एक अलग मुल्क की मांग के कारण हुआ। मुसलमानों ने अपने लिए पाकिस्तान चुन लिया। उस समय यह बहुत संभव था कि हिंदू भारतवर्ष में हिंदूराष्ट्र की स्थापना करने की मांग करते और जिस प्रकार पाकिस्तान से हिंदुओं को भगा दिया गया उसी प्रका...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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राजकिशोर पत्रकारिता के क्षेत्र में अच्छी प्रतिष्ठा रखते हैं। देश के लगभग सभी बड़े अखबारों में उनके आलेख और स्तंभ पाठकों द्वारा रुचिपूर्वक पढ़े जाते हैं। अप्रिय सत्य बोलने में माहिर इस यायावर ने स्वतंत्र लेखन का लंबा सफर तय करने के बाद जब वर्धा विश्वविद्यालय में आवासी...
ललित शर्मा
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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  वर्धा से लौटकर अपनी नौकरी के दायित्वों को सम्हाल चुका हूँ; लेकिन ध्यान उन पोस्टों पर लगा हुआ है जो हमारे प्रतिभागियों ने  वर्धा से लौटकर लिखी हैं या लिखने वाले हैं। यदि आप किसी कारणवश वर्धा नहीं आ सके तो आपके मन में वहाँ जो कुछ हुआ उसे जानने की जिज्ञास...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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आपलोग भले ही यहाँ इस चर्चा में फेसबुक और ट्विटर के आने से ब्लॉगिंग के पिछड़ जाने की चिन्ता कर रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि यह माध्यम कभी खत्म नहीं हो सकता। ऐसी आशंकाएँ पहले भी व्यक्त की गयी हैं। जब भी अभिव्यक्ति का कोई नया माध्यम आया है तो पुराने माध्यम के बारे म...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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दो साल पहले जब केन्द्रीय विश्वविद्यालय- वर्धा छोड़कर उत्तर प्रदेश सरकार की नौकरी पर वापस गया था तो इसका परिसर अभी निर्माणाधीन था। सीमेन्ट की सड़कें तब बन ही रही थीं। पथरीली पहाड़ियों को तराशकर और काट-छीलकर भवन खड़े करने के लिए समतल किया जा रहा था और अनेक संकायों की इमा...
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
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सोशल मीडिया और हिंदी ब्लॉगिंग के विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार के लिए अच्छे पैनेल की तलाश करते हुए मैंने बहुत से लोगों तक इस सेमिनार की रूपरेखा पहुँचायी। ट्विट्टर और फेसबुक पर सक्रिय अनेक प्रोफाइलें देख डालीं। एक से बढ़कर एक व्यक्तित्व देखने को मिले। मैंने अपनी ओर से सं...