ब्लॉगसेतु

यूसुफ  किरमानी
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तबलीगी जमात की आड़ में मुसलमानों को विलेन बनाने की खबरों में अब धीरे-धीरे कमी आ रही है। ...लेकिन आप जानना नहीं चाहते कि अचानक यह कमी कैसे आ गई। दरअसल, #अयोध्या में हिंदू श्रद्धालुओं का मंदिरों में बड़ी तादाद में पहुंचना और उस वीडियो का वायरल होना। एक और वीडियो वायर...
यूसुफ  किरमानी
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तेलंगाना का एक मशहूर मंदिर है, नाम है भद्राचलम मंदिर। यहां हर #रामनवमी वाले दिन यानी आज के दिन सीता-राम कल्याण समारोह होता है। वह कार्यक्रम आज भी हुआ। इसमें #कोरोना को दूर भगाने के लिए भगवान से प्रार्थना की गई।...जानते हैं इस मंदिर में इस बहुत बड़ी पूजा के दौरान #त...
sanjiv verma salil
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विमर्श संतान*तुम कौन हो?आदमीवह तो जानता हूँ पर इसके अलावा...बेटा, भाई, मित्र, पति, दामाद, जीजा, कर्मचारी, व्यापारी, इस या उस धर्म-पंथ-गुरु या राजनैतिक दल या नेता के अनुयायी...हाँ यह सब भी हो लेकिन इसके अलावा?याद नहीं आ रहा.... तो मैं ही याद दिला देता हूँ। याद दिलान...
 पोस्ट लेवल : विमर्श लघुकथा संतान
sanjiv verma salil
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विमर्श :लघुकथा पवन जैन, जबलपुर*सामान्यतः कुछ रचनाकार एक छोटी रचना को लघुकथा मानते हैं, जबकि हर छोटी रचना लघुकथा नहीं होती है। लघुकथा गद्य साहित्य की लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित विधा है।इस संबंध में डाॅ अशोक भाटिया के आलेख लघुकथा: लघुता में प्रभुता के कुछ अंश प्रस्तुत ह...
 पोस्ट लेवल : विमर्श पवन जैन लघुकथा
sanjiv verma salil
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विमर्श:  विश्वास या विष-वास?*= 'विश्वासं फलदायकम्' भारतीय चिंतन धारा का मूलमंत्र है।= 'श्रद्धावान लभते ग्यानम्' व्यवहार जगत में विश्वास की महत्ता प्रतिपादित करता है।बिना विश्वास के श्रद्धा हो ही नहीं सकती। शंकाओं का कसौटियों पर अनगिनत बार लगातार विश्वास ख...
यूसुफ  किरमानी
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#दिल्ली_रक्तपात या #दिल्ली_जनसंहार_2020 की दास्तान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है...अकबरी दादी (85) के बाद अब सलमा खातून दादी (70) की हत्या ने मेरे जेहन को झकझोर दिया है। मैंने गामड़ी एक्सटेंशन में तीन मंजिला बिल्डिंग में जिंदा जला दी गई 85 साल की अकबरी दादी की कह...
Bharat Tiwari
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स्त्री कामेच्छा की कहानी — महुआ मदन रस टपके रे — विभा रानी‘हमारी कोई इच्‍छा ही नहीं? बस, उनकी तृप्ति तक ही अपनी यात्रा? अधूरी यात्रा छोड़ने का दर्द तुम क्‍या जानो मदन बाबू?’ एक फिल्‍मी डायलॉग की तर्ज पर यह वाक्‍य महुआ के मन में आया। इस तनाव में भी महुआ मुस्‍करा पड...
यूसुफ  किरमानी
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शाहीनबाग आंदोलन 60 दिन पुराना हो गया है। जहरीले चुनाव से उबरी दिल्ली में किसी आंदोलन का दो महीने जिंदा रहना और फिलहाल पीछे न हटने के संकल्प ने इसे आंदोलनबाग बना दिया है। ऐसा आंदोलनबाग जिसे तौहीनबाग बताने की कोशिश की गई, लेकिन शाहीनबाग की हिजाबी महिलाओं ने तमाम शहर...
Lokendra Singh
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डॉ. सौरभ मालवीय और लोकेंद्र सिंह की पुस्तक ‘राष्ट्रवाद और मीडिया’ का विमोचनसांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अध्येता डॉ. सौरभ मालवीय एवं लोकेन्द्र सिंह की पुस्तक ‘राष्ट्रवाद और मीडिया’ का विमोचन मीडिया विमर्श की ओर से आयोजित पं. बृजलाल द्विवेदी अखिल भारतीय साहित्यिक सम्मान...
राजीव सिन्हा
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पढ़ें सिर्फ: 4 मिनट में यशपाल की दिव्या को ऐतिहासिक उपन्यास माना जाता है। दिव्या और दिव्या जैसे अन्य उपन्यासों को लेकर आलोचकों में काफी चर्चा इस बात की हुई है कि उपन्यास में इतिहास का अंश कितना होना चाहिए। वस्तुतः ‘ऐतिहासिक उपन्यास’’ शब्द ही अपने आप में व्याघाती है...
 पोस्ट लेवल : विमर्श