ब्लॉगसेतु

Saransh Sagar
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आज के समय में वंश बढ़ाने , समाज में अपने परिवार के अंश को जिम्मेदारी देने व् कई उद्देश्यों के साथ विवाह की महत्वता ऋषि मुनियों ने बतलाई है और हमारे पूर्वजो ने भी इसके कई फायदे बतलाये है ! कई तपस्वी का मानना है कि गृहस्थ आश्रम से बढ़कर कोई तप भी नही !! इसीलिए समाज में...
sanjiv verma salil
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अभिनव प्रयोग-गीत:कमल-कमलिनी विवाहसंजीव 'सलिल'**अंबुज शतदल कमलअब्ज हर्षाया रे!कुई कमलिनी का करगहने आया रे!...*अंभज शीतल उत्पल देख रहा सपनेबिसिनी उत्पलिनी अरविन्दिनी सँग हँसनेकुंद कुमुद क्षीरज अंभज नीरज के सँग-नीलाम्बुज नीलोत्पल नीलोफर के रंग.कँवल जलज अंबोज नलिन पुहु...
sanjiv verma salil
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सामयिक लेखविवाह, हम और समाज*अत्यंत तेज परिवर्तनों के इस समय में विवाह हेतु सुयोग्य जीवनसाथी खोजना पहले की तुलना में अधिक कठिन होता जा रहा है. हर व्यक्ति को समय का अभाव है. कठिनाई का सबसे बड़ा कारन अपनी योग्यता से बेहतर जीवन साथी की कामना है. पहले वर और वरपक्ष को कन्...
 पोस्ट लेवल : लेख विवाह हम और समाज
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने क्रांतिकारी निर्णय देते हुए दो धाराओं की दिशा बदल दी. एक से समलैंगिक सम्बन्ध बनाने वालों को राहत मिली और दूसरी धारा से विवाहेतर सम्बन्ध बनाने वालों को. अदालत द्वारा धारा 370 और धारा 497 की दिशा बदली गई उसके बाद समाज की दिशा बदले या...
kumarendra singh sengar
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विगत दो-तीन दिन से सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक निर्णय देने में लगा है. स्त्री-पुरुष के विवाहेतर संबंधों से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 497 पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि व्याभिचार अपराध नहीं है. विगत माह, अगस्त में देश की शीर्ष अद...
विजय राजबली माथुर
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 Kashish News Sep 27, 2018 हमर बिहारसभ्यता की शुरुआत और अंत का मिलनः अनिता गौतमपटनाः कहते हैं सभ्यता की शुरुआत में लोग नंगे रहते थे, इंसान और जानवरों की जिंदगी में कोई फर्क नहीं था। समय के साथ सब कुछ सभ्य और सुव्यवस्थित होता गया। यौन उत्पीडन से बचाव...
विजय राजबली माथुर
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******नवभारत टाईम्स,लखनऊ,27-09-2018, पृष्ठ-1 नवभारत टाईम्स,लखनऊ,27-09-2018,पृष्ठ-11 नवभारत टाईम्स , लखनऊ, 27-09-2018, पृष्ठ-12 नवभारत टाईम्स, लखनऊ,27-09-2018, पृष्ठ-11    विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं, फेसबुक, ब्लाग वगैरह पर कुछ महिला और कुछ...
शिवम् मिश्रा
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नमस्कार साथियो, विगत दो-तीन दिन से सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक निर्णय देने में लगा है. इसी श्रेणी में आज उसके द्वारा व्याभिचार कानून से सम्बंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 497 पर फैसला सुनाया गया. न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने एकमत से फैसला सुनाया कि व्याभिचार अपरा...
Pratibha Kushwaha
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यह कैसा विरोधाभास है कि 18 साल की उम्र में सरकार चुन सकते हैं पर जीवनसाथी नहीं। इस मामले में शायद महिलाएं भाग्यशाली हैं कि वे 18 साल होने के बाद अपने लिए जीवनसाथी चुन सकती हैं, पर पुरुष नहीं। उन्हें महिला की तुलना में तीन साल और इंतजार करना पड़ता है। यही हमारे देश...
Kajal Kumar
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