ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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अभिनव प्रयोग-गीत:कमल-कमलिनी विवाहसंजीव 'सलिल'**अंबुज शतदल कमलअब्ज हर्षाया रे!कुई कमलिनी का करगहने आया रे!...*अंभज शीतल उत्पल देख रहा सपनेबिसिनी उत्पलिनी अरविन्दिनी सँग हँसनेकुंद कुमुद क्षीरज अंभज नीरज के सँग-नीलाम्बुज नीलोत्पल नीलोफर के रंग.कँवल जलज अंबोज नलिन पुहु...
विजय राजबली माथुर
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Arvind Raj Swarup Cpi is with Sunita Chawla Renke.April 14 at 1:20 PM 14 अप्रैल डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर।कोई भी विद्वान महापुरुष अपने जीवन काल में इतना काम कर जाता है कि दूसरों को उसकी प्रतिभा के विभिन्न आयामों को आत्मसात करते ही पूरा जीवन व...
sanjiv verma salil
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विश्व विवाह दिवस पर*विवाह के बाद पति-पत्नि एक सिक्के के दो पहलू हो जाते हैं, वे एक दूसरे का सामना नहीं कर सकते फिर भी एक साथ रहते हैं। - अल गोर*जैसे भी हो शादी करो। यदि अच्छी बीबी हुई तो सुखी होगे, यदि बुरी हुई तो दार्शनिक बन जाओगे। - सुकरात*महिलाएँ हमें महान कार्य...
 पोस्ट लेवल : विश्व विवाह दिवस
Saransh Sagar
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आज के समय में वंश बढ़ाने , समाज में अपने परिवार के अंश को जिम्मेदारी देने व् कई उद्देश्यों के साथ विवाह की महत्वता ऋषि मुनियों ने बतलाई है और हमारे पूर्वजो ने भी इसके कई फायदे बतलाये है ! कई तपस्वी का मानना है कि गृहस्थ आश्रम से बढ़कर कोई तप भी नही !! इसीलिए समाज में...
sanjiv verma salil
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अभिनव प्रयोग-गीत:कमल-कमलिनी विवाहसंजीव 'सलिल'**अंबुज शतदल कमलअब्ज हर्षाया रे!कुई कमलिनी का करगहने आया रे!...*अंभज शीतल उत्पल देख रहा सपनेबिसिनी उत्पलिनी अरविन्दिनी सँग हँसनेकुंद कुमुद क्षीरज अंभज नीरज के सँग-नीलाम्बुज नीलोत्पल नीलोफर के रंग.कँवल जलज अंबोज नलिन पुहु...
sanjiv verma salil
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सामयिक लेखविवाह, हम और समाज*अत्यंत तेज परिवर्तनों के इस समय में विवाह हेतु सुयोग्य जीवनसाथी खोजना पहले की तुलना में अधिक कठिन होता जा रहा है. हर व्यक्ति को समय का अभाव है. कठिनाई का सबसे बड़ा कारन अपनी योग्यता से बेहतर जीवन साथी की कामना है. पहले वर और वरपक्ष को कन्...
 पोस्ट लेवल : लेख विवाह हम और समाज
kumarendra singh sengar
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पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने क्रांतिकारी निर्णय देते हुए दो धाराओं की दिशा बदल दी. एक से समलैंगिक सम्बन्ध बनाने वालों को राहत मिली और दूसरी धारा से विवाहेतर सम्बन्ध बनाने वालों को. अदालत द्वारा धारा 370 और धारा 497 की दिशा बदली गई उसके बाद समाज की दिशा बदले या...
kumarendra singh sengar
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विगत दो-तीन दिन से सर्वोच्च न्यायालय ऐतिहासिक निर्णय देने में लगा है. स्त्री-पुरुष के विवाहेतर संबंधों से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 497 पर सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि व्याभिचार अपराध नहीं है. विगत माह, अगस्त में देश की शीर्ष अद...
विजय राजबली माथुर
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 Kashish News Sep 27, 2018 हमर बिहारसभ्यता की शुरुआत और अंत का मिलनः अनिता गौतमपटनाः कहते हैं सभ्यता की शुरुआत में लोग नंगे रहते थे, इंसान और जानवरों की जिंदगी में कोई फर्क नहीं था। समय के साथ सब कुछ सभ्य और सुव्यवस्थित होता गया। यौन उत्पीडन से बचाव...
विजय राजबली माथुर
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******नवभारत टाईम्स,लखनऊ,27-09-2018, पृष्ठ-1 नवभारत टाईम्स,लखनऊ,27-09-2018,पृष्ठ-11 नवभारत टाईम्स , लखनऊ, 27-09-2018, पृष्ठ-12 नवभारत टाईम्स, लखनऊ,27-09-2018, पृष्ठ-11    विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं, फेसबुक, ब्लाग वगैरह पर कुछ महिला और कुछ...