सितम यूँ खूब ढ़ा लो।या फिर तुम मार डालो।मगर मुझ से जरा तुम।मुहब्बत तो बढ़ालो।।***दुआ रब की तो पा लो।बसर अजमेर चालो।तमन्ना औलिया की।जरा मन में तो पालो।।***अरी ओ सुन जमालो,मुझे तुम आजमा लो,ठिकाना अब तेरा तू,मेरे दिल पे जमा लो।***ये ऊँचे ख्वाब ना लो।जमीं पे पाँ टिका लो।...