ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
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अर्थ जीवन का है बढना ये नदी समझा रही,खिल सदा हँसते ही रहना ये कली समझा रही,हों कभी पथ से न विचलित झेलना कुछ भी पड़े,भार हर सह धीर रखना ये मही समझा रही।(2122*3 212)1-09-20********हबीब जो थे हमारे रकीब अब वे हुए,हमारे जितने भी दुश्मन करीब उन के हुए,हक़ीम बन वे दिखाएँ ह...
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परंपराएँ निभा रहे हैं,स्वयं में रम दिन बिता रहे हैं,परंतु घर के कुछेक दुश्मन,चमन ये प्यारा जला रहे हैं।(12122*2)*******आपके पास हैं दोस्त ऐसे, कहें,साथ जग छोड़ दे, संग वे ही रहें।दोस्त ऐसे हों जो बाँट लें दर्द सब,आपके संग दिल की जो पीड़ा सहें।(212*4)*******यारो बिस्त...
Basudeo Agarwal
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ओ मेरे सब्र तू मुझ से न ख़फ़ा हो जाना,छोड़ दे साथ जमाना तो मेरा हो जाना,दर्द-ओ-ग़म भूल रखूं तुझको बसाये दिल में,फ़ख्र जिस पे मैं करूं वो तू अना हो जाना।(2122 1122 1122 22)01-08-2020*******चाहे दुश्मन रहा जमाना, रीत सनातन कभी न छोड़ी,जननी जन्म भूमि से हमने, अपनी प्रीत सदा...
Basudeo Agarwal
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हाल अब कैसा हुआ बतलाएँ क्या,बिगड़ी इस तक़दीर का दिखलाएँ क्या,तोड़ के रख दी कमर मँहगाई ने,क्या खिलाएँ और खुद हम खाएँ क्या।2122*2  212********हाउडी मोदी की तरंग में:-विश्व मोदी को कह हाउडी पूछता,और इमरान बन राउडी डोलता,तय है पी ओ के का मिलना कश्मीर में,शोर ये जग मे...
Basudeo Agarwal
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जहाँ भर को ही जबसे आज़माने हम लगे हैं,हमारी शख्शियत को खुद मिटाने हम लगे हैं,लगें पर्दानशीं का हम उठाने जबसे पर्दा,हमारा खुद का ही चेह्रा दिखाने हम लगे हैं।(1222*3  122)**********छिपी हुई बहु मूल्य संपदा, इस शरीर के पर्दों में।इस क्षमता के बल पर ही तुम, जान फूँ...
Basudeo Agarwal
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जिंदा जब तक थे अपनों के हित तो याद बहुतआये,लिख वसीयतें हर अपने के कुछ कुछ तो ख्वाब सजाये,पर याद न आयी उन अन्धो की जीवन की वीरानी,जिन के लिए वसीयत हम इन आँखों की कर ना पाये।(2*15)**********परछाँई देखो अतीत की, जब तू था बालक लाचार।चलना तुझे सिखाया जिनने, लुटा लुटा कर...
Basudeo Agarwal
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सितम यूँ खूब ढ़ा लो।या फिर तुम मार डालो।मगर मुझ से जरा तुम।मुहब्बत तो बढ़ालो।।***दुआ रब की तो पा लो।बसर अजमेर चालो।तमन्ना औलिया की।जरा मन में तो पालो।।***अरी ओ सुन जमालो,मुझे तुम आजमा लो,ठिकाना अब तेरा तू,मेरे दिल पे जमा लो।***ये ऊँचे ख्वाब ना लो।जमीं पे पाँ टिका लो।...