ब्लॉगसेतु

केवल राम
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गत अंक से आगे...हम अपने आसपास की चीजों को जब समझने की कोशिश करते हैं तो हमें समझ आता है कि इस समाज में कितना कुछ है जिसका हमारी जिन्दगी से कोई सीधा सरोकार नहीं है, और कितना कुछ ऐसा है जिसे हमें अपनाने की जरुरत है. अमूमन तो ऐसा होता है कि हम अपने सामाजिक परिवेश में...
विजय राजबली माथुर
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अपनी तीन कहानियों-उसने कहा था,बुद्धू का काँटा और सुखमय जीवन की रचना करके हिन्दी साहित्य में अमर स्थान प्राप्त करने वाले चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' जी की कहानी 'उसने कहा था' को आधार बना कर बिमल राय साहब ने मोनी भट्टाचार जी के निर्देशन में इसी नाम से निर्मित फिल्म को 196...