सन् 1960 ई० में खगोलज्ञों को ऐसे प्रबल रेडियो स्रोत मिले जो हमसे 10 से 15 प्रकाशवर्ष दूर हैं। तब वह बड़े आश्चर्य की बात समझी गयी क्योंकि रेडियो-दूरबीनो के द्वारा खोजे गये ये पिंड खरबों तारों के तुल्य ऊर्जा का उत्सर्जन करते थे। और उनका आकार-प्रकार भी तारों के समान था...