महफ़िल सज रही है, नजरें मिल रही हैंमेरी तरफ देखो, अब शायद तुम मुस्कुरा दो-------------------------------इस तरह वो मुझसे खफा थे, चले गए और फिर न आए कभीमैं लौट कर आया बार-बार और वो मुस्कुरा भी ना पाए कभीइस तरह आना जाना लगा रहा भीड़ में बहुत हुस्न वालों कीवो मेरा होने च...