ब्लॉगसेतु

संतोष त्रिवेदी
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पिछले कई दिनों से ‘घरबंदी’ में हूँ।घर से बाहर निकलना तो दूर,बॉलकनी तक से झाँकने में डर लगता है।कहीं मुआ वायरस हवा में ही न दबोच ले ! इस अदृश्य दुश्मन का ख़ौफ़ है ही ऐसा कि फ़ोन से भी बात करते समय तीन फ़ीट की दूरी रखता हूँ।यहाँ तक कि डर के मारे सोशल मीडिया में नहीं...
समीर लाल
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कायल एक ऐसी विकट और विराट चीज है जो कोई भी हो सकता है, कभी भी हो सकता है, किसी भी बात से हो सकता है और किसी पर भी हो सकता है.मैने देखा है कि कोई किसी की आवाज का कायल हो जाता है, कोई किसी की सुन्दरता का, कोई किसी के लेखन का, कोई किसी के स्वभाव का, कोई किसी के नेतृत्...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
Rajeev Upadhyay
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रूप की जब की बड़ाई, रात के बारह बजे शेरनी घेरे में आई, रात के बारह बजे कल जिसे दी थी विदाई, रात के बारह बजे वो बला फिर लौट आई, रात के बारह बजे हम तो अपने घर में बैठे तक रहे थे चांद को और चांदनी क्यों छत पे आई, रात के बारह बजेदेखने को दिन में ही मनहूस चेहरे कम...
सतीश सक्सेना
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जयकार में उठी कलम,क्या ख़ाक लिखेगीअभिव्यक्ति को वतन में,खतरनाक लिखेगी !अवसाद में निराश कलम , ज्ञान लिखेगी ?मुंह खोल जो कह न सके,चर्वाक लिखेगी ?जिसने किया बरवाद , वे बाहर के नहीं थे !तकलीफ ए क़ौम को भी इत्तिफ़ाक़ लिखेगी !किसने दिया था दर्द, वह बतला न सकेगी !कुछ चाहतें द...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
समीर लाल
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पूरा भारत घर में बंद है सिर्फ उनको छोड़कर जिनको बाहर होना चाहिये जैसे डॉक्टर, पुलिस आदि. साथ ही कुछ ऐसे भी बाहर हैं जो पुलिस से प्रसाद लिए बिना अंदर नहीं जाना चाहते. मगर घर में बंद लोग पूरी ताकत से व्हाटसएप पर चालू हैं. अगर व्हाटसएप का मैसेज मैसेज न हो कर एक पैसे वा...
रविशंकर श्रीवास्तव
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 पोस्ट लेवल : व्यंग्य
Sumit Pratap Singh
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   चीनी वायरस कोरोना के कारण देश में हुए लॉकडाउन के बाद मंच के धुरंधर कवि चोरोना लाल पर बहुत बड़ी आफत आ गयी। पूरे साल मंच पर व्यस्त रहने वाले चोरोना लाल अचानक कुछ भी करो न की स्थिति में आ गए थे। अब उनकी दौड़ इस कमरे से उस कमरे या कमरे से बाथरूम, लैट्रिन या...