ब्लॉगसेतु

संतोष त्रिवेदी
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आलोचक-प्रभु जी प्रस्तर-पीठिका पर विराजमान थे।हमें देखते ही उन्होंने अपना दाहिना हाथ शून्य की ओर उठाया,मानो वे हमारी जड़ता को तोड़ने का संकेत दे रहे हों।उनका इतना स्नेह देखकर मैं अभिभूत हो गया।मेरी दृष्टि बरबस उनकी काया के सबसे निचले भाग की ओर ताकने लगी।मुझे ऐसा करते...
Sumit Pratap Singh
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व्यंग्य यात्रा एवं शोभना वेलफेयर सोसाइटी ने डलहौजी, हिमाचल प्रदेश में स्थित मेहर होटल में तीन दिवसीय साहित्य संगोष्ठी का सितम्बर,2015 के प्रथम सप्ताह में आयोजन किया. इस संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश के चार नामी लेखकों को व्यंग्य यात्रा सम्मान से सम्मानित किया गया...