ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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         रोज़ की तरह आज फिर वो ईश्वर का नाम लेकर उठी,  किचन में आई, चूल्हे पर चाय का पानी चढ़ाया फिर बच्चों को नींद से जगाया ताकि वे स्कूल के लिए तैयार हो सकें । कुछ ही पलों मे वो अपने सास-ससुर को चाय देकर आयी फिर बच्चो...
Roli Dixit
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'अरे फ़िर भूल गई.'अपने आप से बड़बड़ाते हुए बैग की ज़िप लगाते-लगाते ईश को फोन लगाने लगी तभी डोर बेल बजी. फ़ोन बिस्तर पर डालकर दरवाजा खोला रुबीना दी रात के दस बजे आने की माफ़ी मांगते हुए अपने डिज़ाइन किए तीन सूट देते हुए बोलीं,'ये तेरे टूर के लिए परफेक्ट हैं. मुझे लग...