ब्लॉगसेतु

S.M. MAsoom
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अरब मैं जब इस्लाम आया था तो वहाँ ग़रीबी भी थी, जहालत भी थी. हज़रत मुहम्मद (स.अ.व) के किरदार  को उन लोगों ने इतना बुलंद देखा, कि ईमान ले आये, इस्लाम कुबूल कर लिया। इस्लाम हकीकत मैं किरदार की बुलंदी से फैला है और इस सुबूत यह है की हज़रत मुहम्मद (स.अ.व) ने एल...
S.M. MAsoom
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शक या वहम  एक बुरा रोग  है। अगर यह हो गया किसी को तो इसका इलाज हकीम लुकमान के पास भी नहीं है.  यह व्यक्ति को विवेकहीन बना देता है। शक से आपसी संबंधों में दरार  पैदा हो जाया करती है। समाज मैं एक दुसरे का संबंध भरोसे पर टिका होता है। इसे कायम...