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sanjiv verma salil
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आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ - मानवीय संवेदनाओं के कविआचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ जी का नाम अंतर्जाल पर हिंदी साहित्य जगत में विशेष रूप से सनातन एवं नवीन छंदों पर किये गए उनके कार्य को लेकर अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है, गूगल पर उनका नाम लिखते ही सैकड़ों के संख्या मे...
Yashoda Agrawal
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अगरआपकी मुस्कुराहटकिसी कोभली लगे तोमुस्कुराओ ......अगरआपके गीत सेकिसी का जीवनगुलज़ार हो तोगुनगुनाओ.......आपकीबातों से किसी कोसुकुं मिलेतो अनर्गल बातें करो .....अगरआपकी उपस्थिति सेकिसी को खुशी मिलेतो मिलो - जुलो ...ईश्वर कीबनाई रचनाउन्हीं की रचना केकाम आए तोहमारे सार...
 पोस्ट लेवल : चंचलिका शर्मा
Bharat Tiwari
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कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानीHindi Storyसुमन ने बहुत कोशिश की परतु उसकी आवाज़ नक्कारखाने में तूती सी रह गयी आखिर टेस्ट कराना ही पढ़ा और डॉक्टर ने “जय माता की” कहकर जैसे वज्रपात कर दिया राजीव और मांजी पर...अब सबके सुर बदल गये। नहीं !!&...
Bharat Tiwari
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शर्मिला बोहरा जालान चित्रकार कहानीकार हैं। उनकी कहानियों का चित्रकार बड़ा है और उसका कैनवास भी। शर्मिला की कहानियाँ सम्हल-सम्हलकर, कलम से कसे गए पेंचों को खोलते हुए पढ़ना आनंद देता है। वाह! पढ़िए कहानी ‘माँ, मार्च और मृत्यु’ ... भरत एस तिवारी/ शब्दांकन संपादकHind...
अनंत विजय
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1942 में केदार शर्मा मुंबई के रंजीत स्टूडियोज के लिए एक फिल्म बना रहे थे, विषकन्या, जिसमें पृथ्वीराज कपूर, साधना बोस और सुरेन्द्र नाथ प्रमुख भूमिका में थे। केदार शर्मा और पृथ्वीराज कपूर में कलकत्ता (अब कोलकाता) के दिनों से बहुत दोस्ती थी और दोनों एक दूसरे के सुख-दु...
अनंत विजय
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वेब सीरीज की स्वच्छंद दुनिया में एक नए सीरियल का पदार्पण हुआ है नाम है पाताल लोक। ये वेब सीरीज जिस प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाते हैं वो प्लेटफॉर्म ही स्वच्छंद हैं तो जाहिर ही बात है इन वेब सीरीज में स्वच्छंदता होगी ही। जब कहीं से किसी प्रकार का बंधन नहीं होता और किसी प्...
अनंत विजय
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कोरोना के चलते लॉकडाउन में लोगों के सामने बेहतरीन सीरियल प्रस्तुत करने की दूरदर्शन की कोशिशों के चलते ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के अलावा कई पुराने पर बेहद लोकप्रिय रहे सीरियलों का पुनर्प्रसारण प्रारंभ हुआ। ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के फिर से प्रसारण का समाचार सार्वजनिक होत...
Yashoda Agrawal
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अब तुम कही भी नही होकही भी नहीना मेरी यादों मेंन मेरी बातों मेंअब मैं मसरूफ रहती हूँदाल के कंकड़ चुन'ने मेंशर्ट के दाग धोने मेंक्यारी में टमाटर बोने मेंएक पल भी मेराकभी खाली नही होताजो तुझे याद करूँया तुझे महसूस करूमैंने छोड़ दिएनावेल पढनेमैंने छोड़ दिए हैकिस्से गढ़नेअ...
Bharat Tiwari
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रघुवीर सहाय की ये 5 बेहतरीन अंतिम कविताएँउनके मरणोपरांत प्रकाशित अंतिम कविता संग्रह 'एक समय था' से हैं.संग्रह के संपादक सुरेश शर्मा लिखते हैं: "इसमें अधिकांश कविताएँ उनके जीवन के आख़िरी चार-पाँच वर्षों की हैं जो कि ज्यादातर अप्रकाशित हैं। सहायजी के निधन के बाद...
Bharat Tiwari
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मार्क्सवाद का अर्धसत्य के बहाने एकालाप— पंकज शर्माअनंत ने पूरी दुनियाभर के जनसंघर्षों को एक नया आयाम प्रदान करने वाले महानायक के निजी जीवन संदर्भों के हवाले से उन्हें खलनायक घोषित कर दिया और भारतीय सामाजिक परंपरा के परिप्रेक्ष्य में उनका मूल्यांकन करने के फिराक में...