ब्लॉगसेतु

विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) सन् 1948 की 30 जनवरी को सांप्रदायिक-फासीवादियों ने 'राष्ट्रपिता' पर निशाना साधा। तब से वे लंबे समय तक समाज और सियासत में हाशिए पर रहे! लेकिन पिछल...
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मुहर्रम पर कीजिए, मातम का इजहार। दुआ माँगने के लिए, आया है त्यौहार।।-- प्रथम माह इस्लाम का, हुआ आज आगाज।सच्चे मन से कीजिए, रोजे और नमाज।।-- पूरी दुनिया में रहे, भारत जिन्दाबाद।खुशहाली की खुदा से, कर लेना फरियाद।।-- अपने जीवन में सद...
शिवम् मिश्रा
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सभी हिंदी ब्लॉगर्स को नमस्कार।हवलदार हंगपन दादा (अंग्रेज़ी: Hangpan Dada, जन्म- 2 अक्टूबर, 1979, अरुणाचल प्रदेश; शहादत- 27 मई, 2016, जम्मू और कश्मीर) भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों में से एक थे, जिन्होंने आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहादत प्राप्त की। वे 27 मई, 2016...
शिवम् मिश्रा
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प्रिय  ब्लॉगर मित्रों,प्रणाम |ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि कुछ स्वार्थी, बेग़ैरत, सत्ता लोलुप तथाकथित "देशभक्तों और राष्ट्र नायकों" द्वारा, केवल अपने राजनीतिक विचारों और मतभेदों के कारण, "हिंसावादी और आतंकी" घोषित किए गए अमर क्रांतिकारियों को उनकी शहादत क...
S.M. MAsoom
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शहादत इमाम हुसैन मानव इतिहास की बहुत बड़ी त्रासदीप्रोफेसर अख्तरुल वासे22 नवंबर, 2012(उर्दू से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम)मोहर्रम का महीना इस्लामी महीनों में कई मायनों में बहुत अहम है। इतिहास की बहुत सी अहम घटनाएं इसी महीने में हुई हैं। लेकिन दो घटनाएं ऐसी...
 पोस्ट लेवल : शहादत इमाम हुसैन
शिवम् मिश्रा
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सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को मेरा नमस्कार।कनाईलाल दत्त (अंग्रेज़ी: Kanailal Dutta; जन्म- 30 अगस्त, 1888 ई. हुगली ज़िला, बंगाल; मृत्यु- 10 नवम्बर, 1908 ई., कोलकाता) भारत की आज़ादी के लिए फाँसी के फंदे पर झूलने वाले अमर शहीदों में से एक थे। उन्होंने 1905 में बंगाल के विभाज...
अंजू शर्मा
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   शहादत खान बहुत सक्रिय युवा लेखक हैं! वे लगातार लिख रहे हैं और रेख्ता पोएट्री साईट से जुड़े हुए हैं!   उनकी यह कहानी मेल पर मिली!  मज़हब की दुनिया के एक छिपे रहस्य के परदे उठाती यह कहानी  दिलचस्प है!  कहानी की भाषा की रवानगी और नफासत...
 पोस्ट लेवल : कहानी शहादत खान
kavita verma
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  देश की सरहदों पर तैनात हमारे जवान हमेशा अपनी जान हथेली पर लिये देश की रक्षा में लगे रहते हैं। जान देने की बारी आने पर एक पल के लिए भी नहीं सोचते ना खुद के बारे में ना अपने परिवार के बारे में। जिस तरह हम अपने घरों में इस विश्वास के साथ चैन से सोते हैं कि...
 पोस्ट लेवल : जवान मदद शहादत
S.M. MAsoom
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); २८ रजब  का चला काफिला ४ शाबान को मक्का पहुंचा । इस वक़्त तक इमाम हुसैन (अ. स ) ने अभी तक यह तय नहीं किया था की उन्हें किस तरफ जाना है बस यह सोंचा रहे थे की ज़िलहिज्जा के महीने में हज करने के बाद आगे कहाँ का सफ...
Kavita Rawat
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वन्दे मातरम् का उद्घोष के साथ फाँसी के तख्ते से “मैं ब्रिटिश साम्राज्य का नाश चाहता हूँ। I wish the downfall of British Empire!" का सिंहनाद करने वाले महान क्रांतिकारी पं. रामप्रसाद बिस्मिल को 19 दिसम्बर, 1927 को फाँसी दी गई, जिसे शहादत दिवस के रूप में याद किया जाता...