ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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यह है भारत माता के वो 2 वीर सपूत जिनकी पाकिस्तानियों द्वारा कल निर्मम हत्या कर दी गयी l इन अमर शहीदों को शत - शत नमन.... तस्मात् युध्यस्व भारत || -- इसलिए, हे भारत, युद्ध करो | (भगवद्गीता 2/18)जय हिन्द ...जय हिन्द की सेना !!!
शिवम् मिश्रा
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संसद हमले के अमर शहीदों को पूरे हिंदी ब्लॉग जगत और सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से शत शत नमन !
 पोस्ट लेवल : शहीद संसद आतंकी हमला 13/12
शिवम् मिश्रा
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केवल सैनिक ही नहीं ... हर एक इंसान जिस ने उस दिन ... 'शैतान' का सामना किया था ... नमन उन सब को !जय हिन्द !!!
 पोस्ट लेवल : शहीद 26/11
शिवम् मिश्रा
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भारत माँ के इस सच्चे सपूत सुखदेव को उनके १०५ वे जन्मदिन के अवसर पर हम सब की ओर से शत शत नमन !!वन्दे मातरम !! इंकलाब ज़िंदाबाद !!
 पोस्ट लेवल : शहीद सुखदेव १५/०५
Sanjay Chourasia
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मैं शिवपुरी शहर से हूँ ! और मैं अपने आपको धन्य समझता हूँ कि, वीर स्वतंत्रता सेनानी शहीद तात्या टोपे को मेरे शहर में फांसी दी गयी ! उनके वलिदान दिवस पर शिवपुरी में एक मेला लगता है जिसमे इस वीर योद्धा को याद किया जाता है ! तात्या के जन्म से मृत्यू तक का विवरण एक...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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मेरी बहनों/मांओं ! क्या नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह आदि किसी के भाई और बेटे नहीं थें ? क्या भारत देश में देश पर कुर्बान होने वाले लड़के/लड़कियाँ मांओं ने पैदा करने बंद कर दिए हैं ? जो भविष्य में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव...
महेन्द्र श्रीवास्तव
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मुझे लगता है कि कम से कम इस विषय पर तो राजनीति नहीं ही होनी चाहिए। संसद पर हमले के शहीद हुए लोगों को  यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी जब हमले के मास्टर माइंड अफजल गुरु को फांसी पर लटकाया जाएगा। इस घटना को याद करते हुए आज 10 साल बीत चुके हैं लेकिन सवाल एक आज भी रह...
संजय भास्कर
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  आप सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा ..........सादर नमस्कार .........कई दिनों से कविताये लिखने के बाद सोचा आलेख लिखा जाये  लगभग कई  दिन के अवकाश के बाद  पुन: उपस्थित हूँ । आज सभी शहीद  की कुर्बानियों को भूलते जा रहे है लेकिन जब कभी भी किसी शहीद...
 पोस्ट लेवल : शहीद स्मारक abhinandan Kavita
अजय  कुमार झा
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कल देर रात को अनुज समान मित्र शिवम मिश्रा जी का फ़ोन आया । उन्होंने याद दिलाया कि आज यानि तेरह अप्रैल वही दिन है जब जालियांवाला बाग नरसंहार हुआ था और चूंकि मैं हाल ही में वहां सपरिवार गया हुआ था इसलिए अपने अनुभव को साझा करने के लिए आज के दिन से उपयुक्त और क्या हो स...
अजय  कुमार झा
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पिछले दिनों कुछ घटनाएं ऐसी थीं तो बहुत आसपास भी नहीं घटते हुए मस्तिष्क को आंदोलित किए रहीं । ताज्जुब की बात ये रही कि विश्व को अचंभे और अचक में जहां दुर्घटनाओं ने डाला वहीं भारत खुद की उत्पन्न  घटनाओं से ही उथल पुथल करता रहा । राजनीतिक घटनाक्रम को बिल्कुल सिर...