छबीलदास  स्कूल  में सम्भव हुआ रंगमंच मुंबई ही नहीं भारत के प्रयोगधर्मी आधुनिक रंगमंच के  इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसने भारत के रंगमंच को बदलने में अपनी भूमिका निभाई है. शांता गोखले ने सुनील शानबाग के साथ मिलकर इस रंगमंच के मौखिक इतिहास को अपनी किताब...