ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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14 फरवरी, समाज में बहुतायत लोगों के लिए वेलेंटाइन डे का परिचायक बना हुआ है. वेलेंटाइन के बारे में बिना जाने-समझे विपरीत-लिंगी एक-दूसरे को लुभाने में लगे हुए हैं. बहरहाल, समाज में सबकी अपनी स्वतंत्र सोच है, अपना स्वतंत्र अस्तित्व है जो कुछ भी मानने, मनाने के लिए मुक...
अर्चना चावजी
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शादी की 35 वीं सालगिरह है आजकुछ फोटो देखते हुए ध्यान गया माला पर -गेंदा फूल आज के बच्चे पहनेंगे
 पोस्ट लेवल : शादी
ज्योति  देहलीवाल
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आजकल के युवाओं में वैवाहिक रिश्ते की वैकल्पित व्यवस्था लिव इन रिलेशनशिप का मोह बढ़ता जा रहा हैं। उनका कहना हैं कि इससे साथी को समझने परखने में आसानी होती हैं, वे पूरी जिंदगी का जुआ खेलना नहीं चाहते और यदि दोनों के आचार विचार मिले तो ही शादी करने में भलाई हैं। लेकिन...
सुशील बाकलीवाल
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          इन दिनों WhatsApp पर भारत के आम इन्सान की सोच व समस्या से मिलती-जुलती एक पोस्ट देखने में आ रही है । पसन्द आने पर मैं इसे अपने इस ब्लॉग पर भी शेअर कर रहा हूँ, उम्मीद है यदि आपने पहले इसे न देखा होगा तो आपको भी प...
kumarendra singh sengar
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सामाजिक बदलाव के दौर में शादियों के आयोजन में भी बदलाव देखने को मिलने लगे हैं. विवाह का निर्धारण होने के पहले दिन से लेकर विवाह होने के अंतिम दिन तक की गतिविधियाँ भी तमाम सारे बदलाव के दौर से गुजरने लगी हैं. दूल्हा, दुल्हन का साज-श्रृंगार तो इन बदलाव का सबसे बड़ा शि...
ज्योति  देहलीवाल
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शादी सात जन्मों का प्यार भरा रिश्ता हैं। शादी की सालगिरह हर कोई अपने-अपने अनुठे तरीके से मनाना चाहता हैं। अत: पेश हैं शादी के सालगिरह पर 15 शुभकामनाएं शायरी वो भी इमेज के साथ ताकि इनमें से आपको जो भी ज्यादा पसंद आएं वो आप अपनों को भेज सको... 1) आप दोनों की प्य...
ज्योति  देहलीवाल
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हर इंसान शादी का अहम फैसला बहुत सोच-समझ कर लेता हैं क्योंकि इसी फैसले पर उसकी पूरी जिंदगी निर्भर रहती हैं। हमारे समाज में तो शादी को जन्म-जन्मांतर का साथ माना जाता हैं। जब तक अति न हो ज्यादातर इंसान तलाक लेने की सोचते भी नहीं। ऐसे में शादी के सिर्फ़ तीन मिनट बाद तला...
 पोस्ट लेवल : तलाक शादी-ब्याह नारी
विजय राजबली माथुर
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Jagadishwar Chaturvedi02-12-2018 शादी, समाज और नव्य हिन्दुत्व-भारत का संविधान व्यक्ति की निजता और स्वतंत्रता की गारंटी देता है। निजता ,स्वतंत्रता और सांस्कृतिक स्वतंत्रता के अतार्किक और अविवेकवादी इस्तेमाल करने के मामले में हमारे नव्य हिन्दू शिक्षित और अमीर लो...
kumarendra singh sengar
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न उम्र की सीमा हो, न जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन किसी ग़ज़ल के ये चंद शब्द आज भी दिल को धड़का देते हैं. इन शब्दों में छिपी भावना को, प्यार को लगभग प्रत्येक व्यक्ति खुद के भीतर छिपी प्यार की भावना से एकाकार करके भावविभोर होता है. उम्र और जन्म...
Pratibha Kushwaha
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यह कैसा विरोधाभास है कि 18 साल की उम्र में सरकार चुन सकते हैं पर जीवनसाथी नहीं। इस मामले में शायद महिलाएं भाग्यशाली हैं कि वे 18 साल होने के बाद अपने लिए जीवनसाथी चुन सकती हैं, पर पुरुष नहीं। उन्हें महिला की तुलना में तीन साल और इंतजार करना पड़ता है। यही हमारे देश...