ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
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सॉनेटशारद वंदना•शारदे! दे सुमति कर्म कर।हम जलें जन्म भर दीप बन।जी सकें जिंदगी धर्म कर।।हो सुखी लोक, कर कुछ जतन।।हार ले माँ! सुमन अरु सुमन।हार दे माँ! क्षणिक, जय सदा।हो सकल सृष्टि हमको स्वजन।।बेहतर कर सकें जो बदा।।तार दे जो न टूटें कभी।श्वास वीणा बजे अनहदी।प्यार दे,...
sanjiv verma salil
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सॉनेट वसुधा•वसुधा धीरजवान गगन सी।सखी पीर को गले लगाती।चुप सह लेती, फिर मुसकाती।।रही गुनगुना आप मगन सी।।करें कनुप्रिया का हरि वंदन।साथ रहें गोवर्धन पूजें।दूर रहें सुधियों में डूबें।।विरह व्यथा हो शीतल चंदन।सुख मेहमां, दुख रहवासी हम।विपिन विहारी, वनवासी हम।भोग-योगकर...
 पोस्ट लेवल : शारदा सानेट
Asha News
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झाबुआ। त्रेता युग के फल बैर का औषधीय एवं पौराणिक महत्व विद्यार्थियों को बताने के उद्देश्य से शारदा विद्या मंदिर ग्राम बिलिडोज में '“शबरी उत्सव'' का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियां की प्रदर्शनी लगाई। जिस तरह शबरी के प्रेम और भक्त...
sanjiv verma salil
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मुक्तक सलिला *प्रात मात शारदा सुरों से मुझे धन्य कर।शीश पर विलंब बिन धरो अनन्य दिव्य कर।।विरंचि से कहें न चित्रगुप्त गुप्त चित्र हो।नर्मदा का दर्श हो, विमल सलिल सबल मकर।।*मलिन बुद्धि अब अमल विमल हो श्री राधे।नर-नारी सद्भाव प्रबल हो श्री राधे।।अपराधी मन शांत निबल हो...
sanjiv verma salil
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बंगाल में शारदा पूजा *सनातन धर्म में भक्त और भगवान का संबंध अनन्य और अभिन्न है। एक ओर भगवान सर्वशक्तिमान, करुणानिधान और दाता है तो दूसरी ओर 'भगत के बस में है भगवान' अर्थात भक्त बलवान हैं। सतही तौर पर ये दोनों अवधारणाएँ परस्पर विरोधी प्रतीत होती किंतु वस्तुत: प...
 पोस्ट लेवल : बंगाल सरस्वती शारदा
sanjiv verma salil
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शारदा वंदनमाँ शारदे! स्वर-सार देलय-भाव-रस उपहार देसुत को यही वरदान देरच छंद तुझ पर वार देभटका न लेकिन पा सकामाँ! कर दया; अब सार देमोती न हीरे चाहिएआशीष का गलहार देकुछ और चाहे हो नहींरचनाओं में भर प्यार दे१३-३-२०२० http://divyanarmada.blogspot.in/
sanjiv verma salil
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शारदा वंदनादोहा-बंदौं सारद मात खौं, हंस बिराजीं मौनसाँसों में ऐंसी बसीं, ज्यों भोजन में नौन*टेक-ओ बीनावाली सारदा!, बीना दो झनकारहंसबिराजीं मोरी माता, मंद-मंद मुसकांयहांत जोर ठाँड़े बिधि-हरि-हर, रमा-उमा सँग आँयओ बीनावाली सारदा! डालो दृष्टि उदारकमल आसनी मोर म'तारी, ध...
 पोस्ट लेवल : शारदा वंदना सरस्वती
sanjiv verma salil
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शारद वंदनापौराणिक जातीय शारदा छंदविधान : न न म ज गयति : ८ - १०*नित पुलक करें दीदार शारदा!हँस अभय करो दो प्यार शारदा!*विधि हरि हर को जन्मा सुपूज्य होकर जन जन का उद्धार शारदा!*कण-कण प्रगटाया भाव-सृष्टि कीलय गति यति गूँजा नाद शारदा!*सुर-सरगम है आवास देवि कामम मन बस जा...
sanjiv verma salil
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शारदा वंदनगीतआलोक दो माँ शारदे!*तम-तोम से दुनिया घिरी हैभीड़ एकाकी निरी हैअजब माया, आप छायाअकेलेपन से डरी हैलेने न चिंता चैन देतीआमोद दो माँ शारदे!*सननसन बह पवन बनकरछूम छनननन बज सके मनकलल कलकल सलिल निर्मलकरे कलरव नाचकर तनसुन सकूँ पल पल अनाहदनाद नित माँ शारदे!*बरस ट...
sanjiv verma salil
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आलोक दो माँ शारदे! *तम-तोम से दुनिया घिरी हैभीड़ एकाकी निरी हैअजब माया, आप छायाअकेलेपन से डरी हैलेने न चिंता चैन देतीआमोद दो माँ शारदे!*सननसन बह पवन बनकरछूम छनननन बज सके मनकलल कलकल सलिल निर्मलकरे कलरव नाचकर तनसुन सकूँ पल पल अनाहदनाद नित माँ शारदे!*बरस टप टप तृ...
 पोस्ट लेवल : वंदना सरस्वती शारदा