ब्लॉगसेतु

अमितेश कुमार
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निकहत काज़मी टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए नाटकों और सिनेमा पर अपने जीवन के अंत तक लिखती रहीं. असग़र वजाहत पर लिखे इस फीचर को रंगविमर्श पर उपलब्ध कराया है शिप्रा किरण ने.  तमाम बाधाओं और कठिनाइयों के बाद भी असग़र वजाहत ने नाटक लिखना जारी रखा. वे कहते भी हैं- ‘मैं अच्...
अमितेश कुमार
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 ये प्रख्यात नाटककार और साहित्यकार भीष्म साहनी का जन्मशती वर्ष है. इस अवसर पर एम. के. रैना अपने द्वारा निर्देशित उनके नाटक ' कबीरा खड़ा बाजार में' के मंचन को याद कर रहे हैं. गौरतलब है कि यह हिंदी रंगमंच की ऐतिहासिक प्रस्तुति रही है. लेख उपलब्ध कराया है अनुवादक...