ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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शिवानी की कहानी — नथपिछली सदी से जारी स्त्री स्वाधीनता की खामोश लड़ाई की कहानी  - मृणाल पांडे आज की पीढ़ी को, जो सोशल मीडिया पर अपनी लेखकीय ढोल पिटाई के बीच बड़ी हो रही है, बताना ज़रूरी है कि प्रेमचंद ने मार्क्स को खुश करने, निराला ने अपनी जयंती मनवाने या नि...
sanjiv verma salil
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कार्यशाला:चर्चा डॉ. शिवानी सिंह के दोहों पर *गागर मे सागर भरें भरें नयन मे नीर|पिया गए परदेश तो कासे कह दे पीर||तो अनावश्यक, प्रिय के जाने के बाद प्रिया पीर कहना चाहेगी या मन में छिपाना? प्रेम की विरह भावना को गुप्त रखना जाना करुणा को जन्म देता है..गागर मे सागर भरे...
Bharat Tiwari
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Yeh Sheher Nahin Mehfil HaiA Kathak Production By Shivani Varma (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); कल शाम इंडिया इंटरनेशनल सेण्टर में यमुना, सूत्रधार बन के, नृत्यांगना शिवानी वर्मा के बेहतरीन कथक की मुद्राओं और भाव भंगिमाओं में बह रही...
kuldeep thakur
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मेरे शब्द ,अबमुझसे भी कुछ नहीं कहते ,चुप से खड़े हैंपरछाईयाँ थामे ,कर दिया हैउनका श्राद्ध ,प्रेम के मन्त्रों ने शिवानी गौर जी की कलम से निकली कुछ पंक्तियाँ
 पोस्ट लेवल : शिवानी गौर
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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दोस्तों ! कहा जाता है कि क्रोध आदमी के विवेक को खा जाता है.यदि आपने नीचे लिखें लिंकों को ध्यान से सुन लिया तो मुझे उम्मीद है. भविष्य में आपको क्रोध नहीं आएगा और यदि आया भी कम आएगा या क्रोध आने पर आप बहुत मुस्करायेंगे. ऐसा मुझे विश्वास है. यह कार्यक्रम उत्तम नग...
राजीव कुमार झा
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साहित्य पढ़ने की शुरुआत लुगदी साहित्य से ही हुई,जैसा कि आमतौर पर सभी व्यक्ति करते हैं.उन दिनों जासूसी उपन्यासों की खूब लोकप्रियता थी.मेरठ से छपने वाले जासूसी उपन्यास ,जिसे साहित्यकार लुगदी साहित्य कहते हैं,बहुतायत में थे.कर्नल रंजीत,सुरेन्द्र मोहन पाठ...
girish billore
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