ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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आज हमारे जीजा जी-जिज्जी की वैवाहिक वर्षगाँठ है. 46 वर्ष हो गए इस शुभ अवसर को और देखिये हम भी इस संख्या से कोई आठ महीने आगे ही हैं. उम्र का इतना बड़ा अंतर होने के कारण जीजा जी से मजाकिया रिश्ता होने के बाद भी कभी मजाक जैसी स्थिति में नहीं आ सके. उनकी तरफ से जरूर अनेक...
मुकेश कुमार
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Add captionएक हम सबकी यानी हमारे एजग्रुप या उससे कुछ पहले की जस्ट कॉलेज वाली जिंदगी हुआ करती थी, उस समय ग्यारहवीं यानी आईएससी भी कॉलेज था। तब पापा मने डांट या पिटाई ही कहलाया करता था। पापा तो रावण होते थे ☺️ (उस समय के सोच के हिसाब से)! बैठे बैठे चिल्लाते थे, या फ...
kumarendra singh sengar
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14 फरवरी, समाज में बहुतायत लोगों के लिए वेलेंटाइन डे का परिचायक बना हुआ है. वेलेंटाइन के बारे में बिना जाने-समझे विपरीत-लिंगी एक-दूसरे को लुभाने में लगे हुए हैं. बहरहाल, समाज में सबकी अपनी स्वतंत्र सोच है, अपना स्वतंत्र अस्तित्व है जो कुछ भी मानने, मनाने के लिए मुक...
Rajendra kumar Singh
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सभी भारतवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं, मेरी दुआ है न लगे मेरे देश को किसी की नज़र,महकता रहे यूं ही फूलों की तरह हर पलजय हिन्द!Happy Republic Day 2020इंसानियत ही है धर्म वतन काबस जियो वतन के नाम परगणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
kumarendra singh sengar
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लोगों का उत्साह, लोगों की उमंग, लोगों की आकुलता देखकर लग रहा है जैसे उन सभी लोगों के लिए जाने वाला साल सकारात्मक रहा होगा या फिर उनके द्वारा अपने आपसे सोचे गए कार्य अधिकतम रूप में सफलता को प्राप्त किये होंगे. यदि ऐसा नहीं है तो फिर नए साल के स्वागत के लिए, उसके आने...
kumarendra singh sengar
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आज भले ही सारे काम अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार किये जाते हों मगर इसके निर्माण के 57 वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य के काल में भारतीय वैज्ञानिकों ने भारतीय कैलेंडर विकसित कर लिया था. इस भारतीय या कहें कि हिन्दू कैलेंडर का आरम्भ हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक...
विजय राजबली माथुर
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kumarendra singh sengar
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कल, 27 मार्च को जब डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम आईलैंड लॉन्च कॉम्पलेक्स से रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन (DRDO) की एक मिसाइल ने बतौर परीक्षण एक सैटेलाइट को मार गिराया तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया जो अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता...
kumarendra singh sengar
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हम सभी लोग हॉस्पिटल की पहली मंजिल पर बने बरामदे के बाहर बैठे हुए थे. हॉस्पिटल में बैठे होने के बाद भी किसी के चेहरे पर तनाव नहीं था. सभी को खुशखबरी का इंतजार था. वहाँ बैठे हम लोगों में कुछ देर बाद कोई पापा बनने वाला था, कोई नाना-नानी बनने वाला था और हम मामा बनने वा...
kumarendra singh sengar
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ऐसे बच्चों को जिनकी नाक बह रही हो, कपड़े मैले-कुचैले हों, खुद भी धूल से सने हों, उनकी अवस्था देखकर लगता हो कि कई दिन से नहाये नहीं हैं, हम भी, आप भी अपने किसी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करते हैं.ऐसे बच्चे कभी गलती से हम लोगों द्वारा आयोजित भोज में दिख जाते हैं तो ह...