आज जब मैंने तुमको तड़पते हुए देखा शक्तिहीन अस्तित्त्वहीन निःशस्त्र और दीन आँखों में आँसू माथे पर सलवटें  भविष्य को सजाने की चाह में वर्तमान को कुचलता हुआ देखा प्रत्येक पाँच वर्ष में तुम उल्लासित मन लिय...