ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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भारत में वेदान्त की कई प्रकार की व्याख्याएँ हुई हैं और सभी को प्रगतिशील माना गया है. वेदान्त का शाब्दिक अर्थ है वेद का अंत. वेद हिन्दुओं के आदि धर्मग्रन्थ हैं. विवेकानन्द जी के विचार धर्म के विषय में उल्लेखनीय हैं. वेदान्त दर्शन के सम्बन्ध में उनका नाम प्रमुख रूप स...
kumarendra singh sengar
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आज, चार जनवरी को दृष्टिबाधितों के मसीहा एवं ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल का जन्म हुआ था. उनका जन्म फ्रांस के छोटे से गाँव कुप्रे में 4 जनवरी 1809 को मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. महज तीन साल की उम्र में एक हादसे में उनकी दोनों आँखों की रौशनी चली गई थी. हर बात...
kumarendra singh sengar
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किसी से पहचान होना, किसी से कोई रिश्ता बन जाना, किसी से सम्बन्ध हो जाना, किसी से दोस्ती होना, किसी से सामान्य सा व्यवहार रखना आदि ऐसा लगता है जैसे अपने हाथ में नहीं वरन पूर्व निर्धारित होता है. कोई अकारण ही मन को, दिल को पसंद आने लगता है. कभी ऐसा होता है कि किसी व्...
sahitya shilpi
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[वर्ष 2020 बहुत सी पीड़ा दे कर गुजर गया। 9 दिसम्बर 2020 को प्रख्यात कवि मंगलेश डबराल का निधन हुआ। उन्होंने बुधवार शाम एम्स में आखिरी साँस ली जहाँ बीते कुछ दिनों से उनका इलाज चल रहा था। वे कोरोना से संक्रमित हो गए थे जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। 1948...
kumarendra singh sengar
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जीवन में कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो बिना याद किये याद आती रहती हैं, चाहते हुए भी भूली नहीं जाती हैं. ऐसी स्थिति के लिए घटनाओं के साथ-साथ उनसे जुड़ी तारीख भी महत्त्वपूर्ण होती है. घटनाओं को भुलाना भी चाहो तो उससे जुड़ी तारीख उस घटना को भूलने नहीं देती है. ऐसी ही तारीख...
kumarendra singh sengar
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हिन्दी ग़ज़ल के क्षेत्र में जो लोकप्रियता दुष्यंत कुमार को मिली वो किसी विरले कवि को प्राप्त होती है. वे हिन्दी के कवि और ग़ज़लकार थे. उनके लेखन का स्वर सड़क से संसद तक गूँजता रहा है. यूँ तो उन्होंने अनेक विधाओं में लेखनी चलाई किन्तु ग़ज़लों की अपार लोकप्रियता ने उन...
kumarendra singh sengar
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उत्तर प्रदेश में आगरा जनपद के प्राचीन स्थान बटेश्वर के मूल निवासी पण्डित कृष्ण बिहारी वाजपेयी मध्य प्रदेश की ग्वालियर रियासत में अध्यापक थे. वहीं शिन्दे की छावनी में 25 दिसंबर 1924 को ब्रह्ममुहूर्त में उनकी सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी की कोख से अटल जी का जन्म हुआ था....
kumarendra singh sengar
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महामना मदन मोहन मालवीय जी का जन्म प्रयाग में 25 दिसम्बर 1861 को हुआ था. आपके पिता का नाम पं० ब्रजनाथ तथा माता का नाम मूनादेवी था. मध्य भारत के मालवा प्रान्त से आने के कारण उनके पूर्वज मालवीय कहलाये. इसी को कालांतर में उनके द्वारा जातिसूचक नाम के रूप में अपना लिया ग...
kumarendra singh sengar
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Early to bed and early to rise makes and man healthy, wealthy and wise. ये लाइन हमारे बाबा जी अक्सर हम भाइयों को सुनाया करते थे. जल्दी सोने की आदत उस समय हुआ करती थी और जल्दी जागने की भी. कारण ये कि  पढ़ाई का बहुत बोझ जैसा कोई माहौल नहीं था. जो थोड़ा-बहुत काम मि...
kumarendra singh sengar
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अपनों को खोने का दुःख सदैव रहता है. उम्र भर उनकी कमी महसूस होती है. यह कमी उस समय और तीव्रता से महसूस होती है जबकि उनकी पुण्यतिथि हो. यह क्षण उस समय और कष्टकारी हो जाता है जबकि ऐसी तिथि दो बार आपकी नज़रों के सामने से गुजरे. इसमें भी एक तिथि ऐसी हो जिसका सम्बन्ध आपकी...