ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
199
उल्फ़त में चोट खाई उसका उठा धुँआ है,अब दिल कहाँ बचा है सुलगी हुई चिता है,होती है खुद से दहशत जब दिल की देखुँ वहशत,इस मर्ज की सबब जो वो ही फकत दवा है।(221  2122)*2*********हमारा इश्क़ अब तो ख्वाबिदा होने लगा है,वहीं अब उनसे मिलना बारहा होने लगा है,मुझे वे देख, नज़...
Basudeo Agarwal
199
अगर तुम मिल गई होती मुहब्बत और हो जाती,मिले होते अगर दिल तो इनायत और हो जाती,लिखा जब ठोकरें खाना गिला करने से अब क्या हो,दिलों में जो मुहब्बत हो हक़ीक़त और हो जाती।(1222*4)*********अगर ये दिल नहीं होता मुहब्बत फिर कहाँ होती,मुहब्बत गर न होती तो इबादत फिर कहाँ होती,इब...
Basudeo Agarwal
199
छमक छम छम छमक छम छम बजी जब उठ तेरी पायल,इधर कानों में धुन आई उधर कोमल हृदय घायल,ठुमक के पाँव जब तेरे उठे दिल बैठता मेरा,बसी मन में ये धुन जब से तेरा मैं हो गया कायल।(1222×4)*********चाँदनी रात थी आपका साथ था, रुख से पर्दा हटाया मजा आ गया।आसमाँ में खिला दूर वो चाँद...
Basudeo Agarwal
199
सजन मत प्यास अधूरी छोड़।नहीं कोमल मन मेरा तोड़।।बहुत ही तड़पी करके याद।सुनो अब तो तुम अंतर्नाद।।सदा तारे गिन काटी रात।बादलों से करती थी बात।।रही मैं रोज चाँद को ताक।कलेजा होता रहता खाक।।मिलन रुत आई बरसों बाद।हृदय में छाया अति आह्लाद।।बजा इस वीणा का हर तार।बहा दो आज ने...
Basudeo Agarwal
199
श्रृंगार छंद बहुत ही मधुर लय का 16 मात्रा का चार चरण का छंद है। तुक दो दो चरण में है। इसकी मात्रा बाँट 3 - 2 - 8 - 3 (ताल) है। प्रारंभ के त्रिकल के तीनों रूप मान्य है जबकि अंत का त्रिकल केवल दीर्घ और लघु (21) होना चाहिए। द्विकल 1 1 या 2 हो सकता है। अठकल के नियम जैस...
Sandhya Sharma
224
ईश्वर ने हमें सुंदर धरती प्रदान की। हमारे पूर्वजों ने इसे सहेजा हमारे लिए। धरती को माँ का सम्मान दिया, प्रकृति को हर रूप में पूजा, वृक्षों को, नदियों को यहाँ तक की पशु पक्षियों को त्योहारों, पर्वों से जोड़कर यही सीख देने का प्रयास किया।लेकिन हमने आधुनिकता की होड़ में...
sanjiv verma salil
5
दोहा सलिला*जूही-चमेली देखकर, हुआ मोगरा मस्त सदा सुहागिन ने बिगड़, किया हौसला पस्त *नैन मटक्का कर रहे, महुआ-सरसों झूमबरगद बब्बा खाँसते। क्यों? किसको मालूम?*अमलतास ने झूमकर, किया प्रेम-संकेतनीम षोडशी लजाई, महका पनघट-खेत*अमरबेल के मोह में, फँसकर सूखे आमकहे वं...
 पोस्ट लेवल : श्रृंगार दोहे shringar dohe
Pratibha Kushwaha
479
हिन्दू पौराणिक कथाओं में स्त्रियों के सौभाग्य का सूचक सिंदूर के बारे में ऐसी कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं। जिनके माध्यम इस बात को स्थापित करने की कोशिश की जाती है कि सौभाग्य यानी पति की लंबी आयु के लिए सिंदूर क्यों धारण किया जाता है। सिंदूर का संदर्भ केवल शादीशुदा म...
sanjiv verma salil
5
श्रृंगार गीत:हरसिंगार मुस्काएसंजीव 'सलिल'*खिलखिलायीं पल भर तुमहरसिंगार मुस्काए. अँखियों के पारिजातउठें-गिरें पलक-पातहरिचंदन देह धवलमंदारी मन प्रभातशुक्लांगी नयनों मेंशेफाली शरमाए. परिजाता मन भाताअनकहनी कह जातामहुआ मन महक रहाटेसू तन झुलसाताफागुन में सावन क...
अरुण कुमार निगम
205
एक श्रृंगार गीत -कजरे गजरे झाँझर झूमर चूनर ने उकसाया थाहार गले के टूट गए कुछ ऐसे अंक लगाया था ।हरी चूड़ियाँ टूट गईं क्यों सुबह सुबह तुम रूठ गईंकल शब तुमने ही तो मुझको अपने पास बुलाया था।हाथों की मेंहदी न बिगड़ी और महावर ज्यों की त्योंहोठों की लाली को तुमने खुद ही कहा...
 पोस्ट लेवल : श्रृंगार गीत