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संजीव तिवारी
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तुलसीदास : ’’कीरति भनिति भूति भलि सोई, सुरसरि सम सब कहँ हित होई (वही कीर्ति, रचना तथा सम्‍पत्ति अच्‍छी है, जिससे गंगा नदी के समान सबका हित हो)’’सम सामयिक चेतना की छंद धर्मी, स्व . रामेश्वर गुरू तथा स्व. विश्वंभर दयाल अग्रवाल पत्रकारिता पुरस्कार प्राप्त मासिक पत्रिक...
संजीव तिवारी
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रानी अहिमन राजा बीरसिंग की पत्‍नी है । एक दिन उसे तालाब में स्‍नान करने की इच्‍छा होती है इसके लिये वह अपनी सास से अनुमति मांगती है । उसकी सास कहती है कि घर में कुंआ बावली दोनो है तुम उसमें नहा लो तालाब मत जाओ तुम्‍हारा पति जानेगा तो तुम्‍हारी खाल निकलवा लेगा । अहि...
संजीव तिवारी
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भारत स्‍वतंत्रता आन्‍दोलन की 150 वीं वर्षगांठ मना रहा है । भारत के कोने कोने से 18 वीं सदी में अंग्रेजी हुकूमत के विरोध में उठी चिंगारियों से देश रूबरू हो रहा है । नृत्‍य, नाटिका, कविता, लेख व कहानियों के द्वारा इस महान व पवित्र संग्राम की गाथाओं को प्रस्‍तुत किया...
संजीव तिवारी
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पूर्व अंश : छत्तीसगढ : संदर्भों में आत्ममुग्धता का अवलोकन - 1- 2 - 3- 4 (अंतिम किश्त)कला व संस्कृति के विकास में हमारे लोक कलाकारों नें उल्ले खनीय कार्य किये हैं इसके नेपथ्य‍ में अनेक मनीषियों नें सहयोग व प्रोत्साहन दिया है किन्तु वर्तमान में इसके विकास...
संजीव तिवारी
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पूर्व अंश : छत्तीसगढ : संदर्भों में आत्ममुग्धता का अवलोकन - 1 2 3हमें गर्व है कि हमारी भाषा को शासन नें भी सम्मान दिया और इसे संवैधानिक मान्यता प्रदान की । छत्तीगसगढी भाषा पूर्व से ही समृद्ध भाषा थी अब इसे संवैधानिक मान्यता मिलने के बाद निश्चित ही इसके व...
संजीव तिवारी
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पूर्व अंश : छत्तीसगढ : संदर्भों में आत्ममुग्धता का अवलोकन - 1 2जैसा कि पूर्व में ही कहा जा चुका है कि लोक गीत संस्कृति के अभिन्नि अंग हैं और हमारे इन्हीं गीतों में हमारी संस्कृति की स्पष्ट झलक नजर आती है । छत्तीसगढ में लोकगीतों की समृद्ध परंपरा कालांतर से लोक...
संजीव तिवारी
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पूर्व अंश : छत्तीसगढ : संदर्भों में आत्ममुग्धता का अवलोकन - 1छत्तीसगढ का गौरव इतिहास वैदिक काल से समृद्ध रहा है, हमारे पुरातात्विक धरोहर इसके साक्षी हैं । हमारे वैदिक साहित्यी में भी छत्तीसगढ नें अपने वैभव के कारण स्थान पाया है । स्वतंत्रता आन्दोलन एवं समाज सुधार क...
संजीव तिवारी
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भौगोलिक दृष्टि से मैदानी एवं पठारी व कुछ हिस्‍सों में सतपुडा व मैकल श्रेणियों के पहाडों में फैला छत्‍तीसगढ भारत के हृदय स्‍थल पर स्थित प्राकृतिक रूप से सुरम्‍य प्रदेश है, यहां की प्राकृतिक संरचना से मुग्‍ध होकर अनेक साहित्‍यकारों नें इसकी महिमा को शव्‍द दिया है । स...
संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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छत्‍तीसगढ में फाग 2 संजीव तिवारी छत्तीसगढ में धडतके नगाडे और मांदर के थापों की बीच उल्लास का नाम है फाग । भारत के अलग-अलग हिस्सों में फाग अपने अनुपम उत्साह के साथ गाया जाता है जिसमें छत्तीसगढ का फाग निराला है । फाग का गायन बसंत पंचमी से लेकर होली तक गांव के ग...