ब्लॉगसेतु

संजीव तिवारी
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हिन्दी कविता में छंद का अनुशासन जब से कमजोर हुआ है, हिन्दी की कविता जन मन से दूर होती गई है। छंद बंधन से मुक्त कवितायें एकांतिक पाठ के आग्रह के साथ ही विशिष्ठ पाठक वर्ग और बौद्धिक मनों में सीमित होती गई। बंधन मुक्त कविता नें अभिव्यक्ति के नव आलोक को जन्म तो दिया पर...
संजीव तिवारी
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छत्‍तीसगढ़ में स्थित सिरपुर का महत्‍व अब सर्वविदित है। सोमवंशी शासकों के काल में जब यह क्षेत्र दक्षिण कौसल के नाम से जाना जाता था तब इसकी राजधानी सिरपुर ही थी जिसे श्रीपुर कहा जाता था। विद्धानों नें कहा है कि कला के शाश्वत नैतिक मूल्यों एवं मौलिक स्थापत्य शैली के...
संजीव तिवारी
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(संदर्भ – रायपुर साहित्य महोत्सव)रायपुर साहित्य महोत्सव, छत्तीसगढ़ में अपने तरह का पहला आयोजन था जिसमें हिंदी और क्षेत्रीय भाषा छत्तीसगढी को विशेष रूप से फोकस किया गया था। यह हमारे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि, इस आयोजन के विभिन्न सत्रों में हमारी क्षेत्रीय भाषा...
संजीव तिवारी
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दुर्ग जिला हिंदी साहित्य समिति द्वारा हिंदी कहानियो की विकास यात्रा पर रविवार संध्या एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम मेँ वरिष्ठ कथाकार गुलबीर सिंह भाटिया ने अपनी कहानी "खचरि मुस्कान" का पाठ किया एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ परदेशी राम वर्मा ने अपनी कहानी "थप...
संजीव तिवारी
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-छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 12 से 14 दिसम्बर को पुरखौती मुक्तांगन में प्रस्तावित 'रायपुर साहित्य महोत्सव' पर शेष-राज्य बन जाने के बाद छत्तीसगढ़ का क्रेज हिन्दी पट्टी में भी बढ़ा है. इस बात को साबित करने के लिए एक वाकया काफी है. हुआ यूं कि एक बार, देश के सर्वोच्च आलोचक...
संजीव तिवारी
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-छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 12 से 14 दिसम्बर को पुरखौती मुक्तांगन में प्रस्तावित 'रायपुर साहित्य महोत्सव' पर शेष-अब न कुम्भनदास रहे न अकबर बादशाह न फतेहपुर सीकरी। अब के कुम्भनदासों को हर पल अगोरा रहता है कि कब सीकरी से बुलावा आए और वे दौड़ पड़े। बिना अपने पनही के टूटने...
संजीव तिवारी
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छत्तीसगढ़ के दो उपेक्षित क्षेत्रो में एक बस्तर की संस्कृति पर, अंग्रेजी अध्येताओं व हीरालाल शुक्ल से लेकर राजीव रंजन प्रसाद जैसे लेखकोँ नें प्रकाश डाला है किंतु छत्तीसगढ़ का सरगुजा क्षेत्र हमेशा से उपेक्षित रहा है. सरगुजा क्षेत्र की संस्कृति के संबंध मे अंग्रेज अध्...
संजीव तिवारी
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मित्रों हममे से अधिकतम लोग दो मोबाईल नम्बर का प्रयोग करते हैं. एक का प्रयोग हम बातें करने के लिए करते हैं जो बहुत दिनों से हमारे पास है एवं जिसका नम्बर हमारे परिचितों को ज्ञात है.. और दूसरे का प्रयोग मोबाइल में इंटरनेट चलाने के लिए रखते हैं, इसे हम टेरिफ रेट के अनु...
संजीव तिवारी
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आज सुबह अरूण कुमार निगम जी का फोन आया कि, आपके छत्‍तीसगढ़ ब्‍लॉगर्स चौपाल में कुछ गड़बड है. तो मैं इस बात को बहुत ही सामान्‍य लेते हुए कहा कि देख लेता हूं. किन्‍तु अरूण भईया नें कहा कि समस्‍या गंभीर किस्‍म की है, कोशिस करें कि जल्‍दी उसका हल करें.. तो मैं चकराया,...
संजीव तिवारी
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हमने कुछ वर्ष पहले विन्डोज एक्पी में हिन्दी टूलकिट के प्रयोग के संबंध में एक पोस्ट इस ब्लॉग में डाली है जिसके प्रतिदिन के क्लिक से यह ज्ञात होता है कि अब भी लोग कम्प्यूटर व मोबाईल जैसे साधनों में हिन्दी का प्रयोग नहीं कर पाते। इसे देखते हुए हमने Android मोबाईल में...