ब्लॉगसेतु

Ravindra Prabhat
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मैंने अपनी कमजोरी से खुद को तुमसे बाँध लिया मान लिया तुम भी मेरे ही हो .... !पर भ्रम के धागे खुलते गए चलो - तुम भी मुक्त मैं भी मुक्त ..........रश्मि प्रभा =================================================================मुक्त करती हूँ तुम्...
 पोस्ट लेवल : संध्या शर्मा
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार.... दिल्ली में पिछले दिनों हुए सार्वजनिक बलात्कार मामले में चार्जशीट दायर हो गई है.पांच अभियुक्तों के ख़िलाफ़ हत्या, अपहरण और बलात्कार के आरोप लगाए गए हैं. हड़ताल बन रही है शिक्षकों की मौत की वजह। हड़ताली शिक्षकों का जल सत्याग्रह.छत्तीसगढ़...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार....कैसी सर्दी आई है ? .धुंध कोहरे की जमी दिन भर धूप छुपी शरमायी है मफ़लर, टोपी, शॉल और स्वेटर निकला कंबल, रज़ाई है देखो सर्दी आई है .... हीटर, गीजर दौढ़ता मीटर सुस्ती मे अब चलता फ्रीजर हाट मे सस्ती मिलती गाज़र हलवे की रुत आई है देखो सर्दी आई...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार....कुछ कहूँ .....?? कह तो लूँ ..... पर कोयल की भांति कहने का ... अपना ही सुख है ... बह तो लूँ ...... पर नदिया की भांति बहने का ..... अपना ही सुख है ... सह तो लूँ .... पर सागर की भाँति सहने का .... अपना ही सुख है .... सुन तो लूँ .... पर...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार....ज़रा सोचिये ! बलात्कारियों के लिए कौनसी सजा उचित है या होनी चाहिए ये तो देश के बुद्धिजीवी और प्रबुद्ध व्यक्ति तय कर ही लेंगे मगर कुछ और भी हैं, जो कुछ इस तरह से हैं- - १. कोई भी व्यक्ति इस ओर ध्यान क्यूँ नहीं दे रहा कि चाहे वो आदमी...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार.... आज के दिन भी ब्लॉग जगत में दिल्ली की घटना पर दुःख, आक्रोश ही दिखाई दिया, जो बहुत सी रचनाओं में साफ दिखाई दे रहा है. लोगो की सोच मानसिकता, नजरिया क्यों नहीं बदलता??? क्यों उनके लिए कोई भी रिश्ता हवस के सामने मायने नहीं रखता...??? ओह... पत...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार... जाड़ों की सुबह-सुबह सरकाकर सारे पर्दों को, खोलती हूँ दरवाज़ा जो....... मखमली धूप खिड़की की छड़ों से छनकर, हमारी दहलीज को पारकर, कमरे की हर चीज़ को छूने का प्रयास करती हुई, छू लेती है........ बिखेड़ती हुई, अपनी गरिमामय मुस्कुराहट कोने-कोने...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार.....ये किनारा भी , मैं तुम्हें दे दूँ... वो किनारा भी , मैं तुम्हें दे दूँ ये गझिन गारा भी , मैं तुम्हें दे दूँ और ये धवल धारा भी , मैं तुम्हें दे दूँ मेट कर अपनी बनावट , मैं ढह जाऊँ तेरे अपरिमित ज्वार को , मैं सह जाऊँ ये तनु तरलता भी , मै...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार.....चुनाव आयोग की आपत्ति के एक दिन बाद पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने बुधवार को कहा कि सस्ते एलपीजी सिलेंडरों की संख्या बढ़ाए जाने पर फैसला अभी नहीं किया गया है और यदि ऐसा फैसला होता तो इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को जरूर दी गई होती।म...
ललित शर्मा
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संध्या शर्मा का नमस्कार.....यादें...बड़े काम की चीज!  *कुछ यादें तो होती है...बड़ी रंगीन... *** *इन्हें संजोकर रखना है बड़ा कठीन...*** *दिल के किसी कोने में दबा कर रखना...कभी कभी फुर्सत में इन्हें दिन का उजाला दिखलाना...या रात के अँधेरे में चाँद की रोशनी दिखलाना....