ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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परिवार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने आपमें एक आधार स्तम्भ होते हैं. उनके न कहने के बाद भी वे किसी न किसी रूप में परिवार को एकसूत्र में जोड़े रखने का काम करते हैं. परिवार की मान-मर्यादा को, उसकी प्रतिष्ठा को, उसके वर्चस्व को ऐसे ही लोगों के द्वारा स्वतः ही स्थापना...
kumarendra singh sengar
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आधुनिकता का पर्याप्त प्रभाव होने के बाद भी बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पावन पर्व कजली उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. यहाँ की लोक-परम्परा में शौर्य-त्याग-समर्पण-वीरता के प्रतीक मने जाने वाले कजली का विशेष महत्त्व है. इस क्षेत्र के परम वीर भाइयों, आल्हा-ऊदल के श...
kumarendra singh sengar
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इधर बहुत लम्बे समय से कुछ पढ़ा नहीं जा रहा था. कुछ अजीब तरह की व्यस्तताएँ अनावश्यक रूप से घेरे हुए थीं. कुछ ऐसा भी इन दिनों हुआ कि खुद आलस्य के साथ दोस्ती कर ली थी. इसके अलावा चुनावी माहौल आने के चलते होने वाली खुद बुलाई व्यस्तता के साथ-साथ सोशल मीडिया की गैर-जरूरी...
vedprakash srivastav
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 पोस्ट लेवल : 27-संस्कार
vedprakash srivastav
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रवीन्द्र  सिंह  यादव
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लोग कहते हैंज़िन्दगी की रफ़्तारतेज़ हो गयी हैबढ़ते पेड़-पौधेसूरज-चाँद-तारेदिन-रातघोंसलों में लौटते पक्षीगर्भावस्थाजंगल का स्वाभावआदर्शवाद से लगाव नदी का बहावसमुद्री ज्वार-भाटा  साँसों की गतिह्रदय की धड़कन जैसे थे वैसे हैंअहम् का टकरावकृत्रिमता का फैला...