ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से संबद्ध एक स्वयायत्त संस्था है ललित कला अकादमी। इस संस्था का शुभारंभ 5 अगस्त 1954 को उस समय के शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद ने किया था। इसका उद्देश्य चित्रकला, मूर्तिकला आदि के क्षेत्र में अध्ययन और शोध को बढ़ावा देना है। इसके अलाव...
mahendra verma
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 अलग-अलग संस्कृति में धर्म का अर्थ अलग-अलग होना  संभव है । इसी प्रकार नैतिकता के अर्थ में भी किंचित भिन्नता हो सकती है । किंतु सभी संस्कृतियों में धर्म का सामान्यीकृत अर्थ 'ईश्वरीय सत्ता पर विश्वास' है । इसी प्रकर नैतिकता का सर्वस्वीकृत अर्थ ‘मानवीय स...
आचार्य  प्रताप
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२०१७ में लिखे गए थे - मुक्तक - १.--------------मालविकाग्निमित्रम् विक्रमोर्वशीयम् अभिज्ञानशाकुन्तलम्।कृते कालिदासः महाकविः इति त्रीणि नाट्यशास्त्रम्।रघुवंशम् कुमारसंभवम् कृते इति द्वे महाकाव्ये -सप्त ग्रंथं कृते द्वे खंडकाव्ये...
 पोस्ट लेवल : जयतु संस्कृतम्
जेन्नी  शबनम
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स्तब्ध हूँ! अवाक् हूँ! मन को यकीन नहीं हो पा रहा कि सुनील मिश्र जी अब हमारे बीच नहीं हैं। कैसे यकीन करूँ कि एक सप्ताह पूर्व जिनसे आगे के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई, यूँ अचानक सब छोड़कर चले गए? उनके व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा है ''कोई दुःख मनुष्य के साहस से बड़ा नही...
आचार्य  प्रताप
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#दोहे-------जिस दिन युवा देश के , समझेगे निज पाथ**।संस्कृत अरु साहित्य को , लेंगे  हाथों-हाथ।।०१।।-----आज हमारी संस्कृति , रोती है निज देश।संस्कृत भाषा जा रही , देश छोड़ पर-देश।।०२।।-------पुरातनी  भाषी   यहाँ   ,   माँगे&nbs...
 पोस्ट लेवल : संस्कृत दोहे दोहा
mahendra verma
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                     होली की मान्यता लोकपर्व के रूप में अधिक है किन्तु प्राचीन संस्कृत-शास्त्रों में इस पर्व का विपुल उल्लेख मिलता है । भविष्य पुराण में तो होली को...
डॉ. राहुल मिश्र Dr. Rahul Misra
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 भारत में भी है ‘सिल्क रूट टूरिज़्म’ का मजामध्यकालीन व्यापारिक गतिविधियों की रोचक और साहसिक कथाएँ सिल्क रूट या रेशम मार्ग में बिखरी पड़ी हैं। सिल्क रूट का सबसे चर्चित हिस्सा, यानि उत्तरी रेशम मार्ग 6500 किलोमीटर लंबा है। दुनिया-भर में बदलती स्थितियों के कारण स...
Krishna Kumar Yadav
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भारतीय संस्कृति में लोकचेतना का बहुत महत्त्व है और लोकगायक इसे सुरों में बाँधकर समाज के विविध पक्षों को सामने लाते हैं। लोकगीतों में बिरहा की अपनी एक समृद्ध परम्परा रही है, जिसे हीरालाल यादव ने नई उँचाइयाँ प्रदान कीं। हीरालाल की गायकी राष्ट्रीयता से ओतप्रोत होने के...
roushan mishra
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 नौकां वै भजते तावत्यावत्पारं न गच्छति।उत्तीर्णे तु नदी पारं नौकायां किं प्रयोजनम्।।(सुभाषितम्)   जब तक नदी पार नहीं कर लेते तब तक ही नाव का सहारा लेते हैं,नदी पार करने के उपरांत नाव से कोई भी प्रयोजन नहीं रहता है।तात्पर्य यह है किसामान्यतः कार्य पूर...
roushan mishra
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 विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिः तत्परता क्रिया।यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमिति वर्तते।।(सुभाषितम्) विद्या,तर्कशक्ति,विज्ञान,स्मृतिशक्ति,तत्परताऔर कार्यशीलताये छः गुण जिस व्यक्ति के पास हैं,उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं है।