ब्लॉगसेतु

Basudeo Agarwal
163
सभी देशों में अच्छा देश भारतवर्ष प्यारा है,खिले हम पुष्प इसके हैं बगीचा ये हमारा है,हजारों आँधियाँ झकझोरती इसको सदा आईं,मगर ये बाँटता सौरभ रहा उनसे न हारा है।(1222*4)*********यह देश हमारी माँ, हम आन रखें इसकी।चरणों में झुका माथा, सब शान रखें इसकी।इस जन्म-धरा का हम,...
kumarendra singh sengar
26
परिवार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने आपमें एक आधार स्तम्भ होते हैं. उनके न कहने के बाद भी वे किसी न किसी रूप में परिवार को एकसूत्र में जोड़े रखने का काम करते हैं. परिवार की मान-मर्यादा को, उसकी प्रतिष्ठा को, उसके वर्चस्व को ऐसे ही लोगों के द्वारा स्वतः ही स्थापना...
Saransh Sagar
242
कितने ही देवी देवता और इनमें इतनी ही अपार श्रद्धा कि भक्त अपने भगवान पर इतना भरोसा करते हैं कि उनके लिये कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं… जी हां ये है हिन्दुस्तान की धार्मिक संस्कृति जो देश भर के अलग अलग कोनों में अपने अलग अलग रंग लिये हुए हैं और आज धर्म और...
Saransh Sagar
242
‘‘तो कितने दिनों के लिए जा रही हो ?’’ प्लेट से एक और समोसा उठाते हुए दीपाली ने पूछा. ‘‘यही कोई 8-10 दिनों के लिए,’’ सलोनी ने उकताए से स्वर में कहा !औफिस के टी ब्रेक के दौरान दोनों सहेलियां कैंटीन में बैठी बतिया रही थीं !सलोनी की कुछ महीने पहले ही दीपेन से नईनई शादी...
Saransh Sagar
242
"मंदिर" का अर्थ होता है:- 'मन से दूर कोई स्थान'। "मंदिर" का शाब्दिक अर्थ 'घर' है और मंदिर को द्वार भी कहते हैं, जैसे रामद्वारा, गुरुद्वारा आदि।मंदिर को आलय भी कह सकते हैं, ‍जैसे ‍कि "शिवालय", "जिनालय"।लेकिन जब हम कहते हैं कि मन से दूर जो है, वह मंदिर है तो उसक...
Saransh Sagar
242
आज स्कूल,कालेजो में बहुत अच्छा प्यार देखने को मिल रहा है ! लड़का-लड़की कॉलेज के पास खोके के दुकान में सिगरेट,दारू और न जाने कौन सी नशीली पदार्थ का सेवन करके अपना प्यार प्रदर्शित कर रहे है ! कॉलेज के घास के मैदानों में चुम्बन का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन !! रोज गले य...
Saransh Sagar
242
जो लड़किया कम कपड़े पहनती है, उनके लिये एक पिता की ओर से समर्पित एक लड़की- को उसके पिता ने iPhone गिफ्ट किया..दूसरे दिन पिता ने लड़की से पूछा, बेटी iPhone मिलने के बाद सबसे पहले तुमने क्या किया ?लड़की :- मैंने स्क्रेच गार्ड और कवर का आर्डर द...
Saransh Sagar
242
शब्दों के अभाव व् उसके अर्थ को न जानने के कारण कई लोग राष्ट्र को सर्वोपरी मानते है लेकिन वो ये भूल जानते है कि जो टीवी मीडिया इस लाइव डिबेट को करवाती है उनका मुख्य उद्देश्य विशेष गुट के लोगों का समर्थन करना मात्र होता है !! धर्म वास्तव में कई संस्कृतियों,...
Saransh Sagar
242
भारत में प्रायः चार जगह महाकुंभ लगते रहे है जिसमे हरिद्वार, उज्जैन, प्रयाग और नासिक शामिल है लेकिन संत समाज और श्रद्धालुओं की माने तो भारत में कुल १२ जगहों पर महाकुंभ का आयोजन होता था जिसमे बिहार के सिमरिया जो कि आदि कुंभ स्थली रहा है वैदिक काल से बद्रिकाश्रम , असम...
Saransh Sagar
242
ये वास्तव में वो नियम है य ये भी कह सकते है एक अलार्म जिससे हम आध्यत्म से जुड़े रहे ! धर्म कर्म से जुड़े रहे , परमात्मा से जुड़े रहे जैसे भोजन के लिये थाली प्लेट की आवश्यकता होती है वैसे ही पूजा के लिये इन नियम-सामग्री की आवश्यकता है ! भोजन तो जानवर भी करते है पर मनुष...