ब्लॉगसेतु

हिमांशु पाण्डेय
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तेरे चारों ओर वही कर रहा भ्रमण हैखुले द्वार हों तो प्रविष्ट होता तत्क्षण है उसकी बदली उमड़ घुमड़ रस बरसाती हैजन्म-जन्म की रीती झोली भर जाती है।होना हो सो हो, वह चाहे जैसे खेलेउसका मन, दे सुला गोद में चाहे ले ले करो समर्पण कुछ न कभीं भी उससे माँगोबस उसके संक...
Kajal Kumar
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Khushdeep Sehgal
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डेरा सच्चा सौदा के मुखिया को ‘राम रहीम’ के नाम से बुलाना अब कितना जायज़ है...क्या सिर्फ गुरमीत कहना सही नहीं होगा...रोहतक की जेल में सोमवार को अस्थायी तौर पर लगाई गई सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत को दो साध्वियों से रेप के लिए 20 साल की सज़ा सुनाई तो उसकी हालत देख...
sanjiv verma salil
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कवि-मन की बात *कैसा राष्ट्रवाद यह जिसमें अपराधी संरक्षित?रहें न बाकी कहीं विपक्षी, सत्ता हेतु बुभुक्षित.*गूँगे अफसर, अंधे नेता, लोकतंत्र बेहोश.बिना मौत मरती है जनता, गरजो धरकर जोश. *परंपरा धृतराष्ट्र की, खट्टर कर निर्वाह. चीर-हरण जनतंत्र का, करवाते कह 'वाह'*राज कौर...
Khushdeep Sehgal
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गुरमीत राम रहीम सिंह और उनके डेरे को लेकर अब मेनस्ट्रीम मीडिया में तरह तरह के किस्से आ रहे हैं...गुफा, ब्लू फिल्म, यौन शोषण, रिवॉल्वर, मारे जा चुके आतंकी गुरजंट सिंह से करीबी, किस तरह डेरा सच्चा सौदा की गद्दी पाई आदि आदि...लेकिन यहां सवाल है बनता है कि ये सब पंचकूल...
Kajal Kumar
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sanjiv verma salil
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आज की रचना-लेकिन संध्या खिन्न न होती*उषा सहित आ,दे उजास फिरखुद ही ढल जाता है सूरज,लेकिन संध्या खिन्न न होतीचंदा की अगवानी करती।*जन-मन परवश होकरखुद ही जब निज घर मेंआग लगाता।कुटिल शकुनि-संचालितसत्तातंत्र नाश देखहँसता-मुस्काता।विवश भीष्मअन्याय-न्याय कीपरिभाषा दे रहे क...
Khushdeep Sehgal
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‘गुरमीत राम रहीम सिंह को यौन उत्पीड़न के 15 साल पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने पर हरियाणा-पंजाब-चंडीगढ़ में स्थिति बेकाबू हो गई...इसकी आंच दिल्ली तक महसूस की गई...पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से फैसला सुनाए जाते ही उनके कथित अनुयायियों ने सड़कों पर उत्...
Khushdeep Sehgal
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देश में एक शख्स कितना ताकतवर हो सकता है ये डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने दिखा दिया है...राम रहीम पर यौन उत्पीड़न के आरोप से जुड़े मामले में सीबीआई की विशेष अदालत को शुक्रवार को फैसला सुनाना है...इसको लेकर हरियाणा और पंजाब में जो हालात बने हैं, उसी...
PRABHAT KUMAR
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भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर कोई त्रस्त है। मैं भी और आप भी। कोई कहता है मैं मस्त हूँ तो कोई कहता है कट रही है और कोई कहता है पूछो न....। कौन कहेगा कि मैं अपनी जिंदगी में खुश हूँ, यकीनन आप होंगे मगर आप जब खुद अपने पूर्व के किये कार्यों की समीक्षा कर रहे होंगे तो आप...