ब्लॉगसेतु

अनंत विजय
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पिछले दिनों एक साहित्यिक जमावड़े में आज के लेखकों के आचार-व्यवहार पर चर्चा हो रही थी। बहस इस बात पर हो रही थी कि साहित्य में निंदा-रस का कितना स्थान होना चाहिए। साहित्यकारों के बीच होनेवाले गॉसिप से लेकर एक दूसरे को नीचा दिखाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चर्चा होने ल...
अनंत विजय
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करीब तीन साल पहले की बात रही होगी,हिंदी प्रकाशन जगत में एक जुमला बहुत तेजी से चला, ‘नई वाली हिंदी’। ‘नई वाली हिंदी’ की इस तरह से ब्रांडिंग की गई जैसे हिंदी नई चाल में ढलने लगी हो। हिंद युग्म प्रकाशऩ ने इसको अपना टैग लाइऩ बनाया। वहां से प्रकाशित होनेवाले उपन्यासों औ...
अनंत विजय
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भवानी प्रसाद मिश्र की एक कविता हैं जिस तरह हम बोलते हैं /उस तरह तू लिख/और इसके बाद भी हमसे बड़ा तू दिख/चीज़ ऐसी दे कि जिसका स्वाद सिर चढ़ जाए/ बीज ऐसा बो कि जिसकी बेल बन बढ़ जाए । इस कविता में कवि साफ तौर पर लेखकों को चुनौती देते हुए दिख रहे हैं कि जिस तरह से आप बो...
अनंत विजय
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समकालीन हिंदी साहित्य के परिदृश्य में युवा लेखकों ने दशकों से चली आ रही लीक से अलग हटकर चलने के संकेत देने शुरू कर दिए हैं । दशकों से हिंदी में यह परंपरा चल रही थी कि कविता कहानी और उपन्यास के अलावा साहित्येतर विषयों पर लेखन नहीं हो रहा था । नतीजा हम सबके सामने हैं...
prabhat ranjan
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अंग्रेजी में पिछले साल कैम्पस नॉवेल ट्रेंड करता रहा. चेतन भगत का उपन्यास 'हाफ गर्लफ्रेंड', रविंदर सिंह का उपन्यास 'योर ड्रीम्स आर माइन नाऊ' दोनों कैम्पस उपन्यास थे. सत्य व्यास का उपन्यास हिंदी युग्म से प्रकाशित हुआ है 'बनारस टॉकीज' वह भी एक हल्का फुल्का कैम्पस उपन्...
prabhat ranjan
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हिन्द युग्म प्रकाशन ने हिंदी में अलग ढंग की किताबें छापकर एक नई शुरुआत की. लेखकों और पाठकों के बीच के खोये हुए रिश्तों को जोड़ने का उनका प्रयास सफल रहा. इस प्रकाशन की अगली किताब है 'बनारस टॉकीज'. लेखक हैं सत्य व्यास. उसी पुस्तक का एक रोचक अंश- मॉडरेटर =========...