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sanjiv verma salil
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एक रचनासबरीमाला*सबरीमाला केंद्र है,जनगण के विश्वास का।नर-नारी के साम्य का,ईश्वर के अहसास का*जो पतितों को तारता,उससे दूर न कोई रहे-आयु-रंग प्रतिबंध न हो,हर जन हरिजन व्यथा कहे।।अन्धकार में देवालयस्रोत अनंताभास का*बना-बदलता परंपरा,मानव जड़ता ठीक नहीं।लिंग-भेद हो पूजा म...
 पोस्ट लेवल : सबरीमाला
Pawan Kumar Sharma
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पवन कुमार, नई दिल्ली
sanjiv verma salil
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एक रचना सबरीमाला *सबरीमाला केंद्र है, जनगण के विश्वास का। नर-नारी के साम्य का,ईश्वर के अहसास का*जो पतितों को तारता,उससे दूर न कोई रहे-आयु-रंग प्रतिबंध न हो,हर जन हरिजन व्यथा कहे।।अन्धकार में देवालयस्रोत अनंताभास का*बना-बदलता परंपरा,मानव जड़ता ठीक...
 पोस्ट लेवल : गीत सबरीमाला geet sabari mala
sanjiv verma salil
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एक रचना सबरीमाला *सबरीमाला केंद्र है, जनगण के विश्वास का। नर-नारी के साम्य का,ईश्वर के अहसास का*जो पतितों को तारता,उससे दूर न कोई रहे-आयु-रंग प्रतिबंध न हो,हर जन हरिजन व्यथा कहे।।अन्धकार में देवालयस्रोत अनंताभास का*बना-बदलता परंपरा,मानव जड़ता ठीक...
 पोस्ट लेवल : सबरीमाला sabari mala
Pratibha Kushwaha
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देश की सबसे बड़ी अदालत ने प्रतिबंधित उम्र ग्रुप की महिलाओं को असमानाता, महिलाओं की गरिमा के खिलाफ को आधार बनाकर सबरीमाला में दर्शन की अनुमति प्रदान कर दी, तो स्वयं महिलाएं ही आंदोलन में उतर आईं। सड़क पर उतरीं इन महिलाओं ने न केवल मंदिर में प्रवेश लेने को उत्सुक महि...
Khushdeep Sehgal
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इसे कहते हैं डबल स्टैंडर्ड...केरल के सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बावजूद बीजेपी इसका विरोध कर रही है...'बीजेपी के शाह' कह रहे हैं कि कोर्ट ऐसे फैसले सुनाए कि जिनका पालन हो सके... फोटो साभार...द हिन्दूकेरल में लेफ...
अनंत विजय
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आधीरात को सीबीआई के निदेशक और विशेष निदेशक को छुट्टी पर भेजे जाने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद जिस तरह का घटनाक्रम चला उसमें एक महत्वपूर्ण बहस दब गई। केंद्र सरकार के इस फैसले के ठीक पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मुंबई में एक बयान दिया था जो सबरीमला मंदिर...
Aparna  Bajpai
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अधजगी नींद सीकुछ बेचैन हैं तुम्हारी आंखें,आज काजल कुछ उदास हैथकान सी पसरी है होंठों के बीचहंसी से दूर छिटक गई है खनक,आओ न,अपनी देह पर उभर आए ये बादल,सृजन की शक्ति के सार्थक चिन्हों का स्वागत करो,पांवों में दर्द की सिहरन को उतार दोकुछ क्षण ,राधे! आज मंदिर की शीतल सि...