ब्लॉगसेतु

सुशील बाकलीवाल
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कोरोना वायरस       कुछ समय पूर्व मैंने अपने ब्लॉग स्वास्थ्य सुख में दि. 29 जनवरी 2020 को कोरोना वायरस से सम्बन्धित पोस्ट “Corona Virus कोरोना वायरस का कहर दिन-ब-दिन बढ रहा है...”  तब डाली थी जब इसका प्रसार शुरु हुआ था व सिर्फ चीन के वु...
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--जीवन संकट में पड़ा, समय बड़ा विकराल।घूम रहा है जगत में, कोरोना बन काल।।--आवाजाही बन्द है, सड़कें हैं सुनसान।कोरोना का हो गया, लोगों को अनुमान।।--हालत की गम्भीरता, समझ गये हैं लोग।जनता अब करने लगी, शासन का सहयोग।।--घर में बैठे कीजिए, पाठन-पठन वि...
 पोस्ट लेवल : दोहे समय बड़ा विकराल
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--मौसम कितना हुआ सुहाना।रंग-बिरंगे सुमन सुहाते।सरसों ने पहना पीताम्बर,गेहूँ के बिरुए लहराते।।--दिवस बढ़े हैं शीत घटा है,नभ से कुहरा-धुंध छटा है,पक्षी कलरव राग सुनाते।गेहूँ के बिरुए लहराते।।--काँधों पर काँवड़ें सजी हैं,बम भोले की धूम मची है,शिवशंकर को सभी रिझाते।गेह...
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समय का फेर(संस्मरण)       आज से 55 साल पहले की बात है। उस समय मेरी आयु 14-15 साल की रही होगी। मैं तब उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में रहता था। उस समय यातायात का साधन रेलगाड़ी या बैलगाड़ी, घोड़ा गाड़ी और साइकिल ही थी। उस समय ट्रैक्...
sanjiv verma salil
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मुक्तक:पाँव रख बढ़ते चलो तो रास्ता मिल जाएगा कूक कोयल की सुनो नवगीत खुद बन जाएगा सलिल लहरों में बसा है बिम्ब देखो हो मुदित ख़ुशी होगी विपुल पल में, जन्म दिन मन जाएगा*दोहा मिल बैठा गपशप हुई, खिंचे अनेकों चित्रचर्चा कर मन खुश हुआ, विहँसे भाई सुमित्र...
Yashoda Agrawal
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यूँ न टूटकर, असमय था बिखरना मुझे...छोड़ कर यादें, वो तो तन्हा चला,तोड़ कर अपने वादे, यूँ कहाँ वो चला,तन्हाइयों का, ये है सिलसिला,यूँ इस सफर में, तन्हा न था चलना मुझे!यूँ न टूटकर, असमय था बिखरना मुझे...कली थी, अभी ही तो खिली थी!सजन के बाग की, मिश्री की डली थी!था अपन...
Tejas Poonia
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प्रश्न - अब तक की अपनी फ़िल्मी यात्रा के बारे में कुछ बताएँ ?उत्तर – देखिए घर में तो ऐसा कोई था नहीं जो सिनेमा से जुड़ा हुआ हो । मैं एक ऐसे परिवार से हूँ जहाँ सब लोग इस्लामिक हैं । नमाज, रोज़ा आदि में विश्वास रखने वाले हैं । लेकिन निश्चित रूप से तो नहीं कह सकता किन्तु...
kumarendra singh sengar
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समय कितनी तेजी से बदलता है यह व्यक्तियों की आदतों, उसके रहन-सहन से समझ आता है. समय की यही चाल समाज की दिशा और चाल का निर्धारण करती है. किसी के लिए समय बहुत धीमी गति से चल रहा होता है तो किसी के लिए समय भागता सा समझ आता है. समय की गति का आकलन किसी एक व्यक्ति के अनुस...
Roli Dixit
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'अरे फ़िर भूल गई.'अपने आप से बड़बड़ाते हुए बैग की ज़िप लगाते-लगाते ईश को फोन लगाने लगी तभी डोर बेल बजी. फ़ोन बिस्तर पर डालकर दरवाजा खोला रुबीना दी रात के दस बजे आने की माफ़ी मांगते हुए अपने डिज़ाइन किए तीन सूट देते हुए बोलीं,'ये तेरे टूर के लिए परफेक्ट हैं. मुझे लग...
kumarendra singh sengar
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समय कितनी-कितनी बार, किस-किस तरह से व्यक्ति की परीक्षा लेता है कहा नहीं जा सकता है. इसे शायद सम्बंधित व्यक्ति का हौसला बढ़ाना ही कहा जायेगा जबकि उसे समझाया, बताया जाता है कि समय उसी की परीक्षा लेता है जो इसके लायक होता है. ऐसा भी कहा जाता है कि समय या फिर कोई ईश्वरी...