ब्लॉगसेतु

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--धरा सुसज्जित होती जिनसे, वो ही वृक्ष कहाते हैं, जो गौरव और मान बढ़ाते, वो ही दक्ष कहाते हैं। -- हरित क्रान्ति के संवाहक, ये जन,गण के रखवाले, प्राण प्रवाहित करने वाली, मन्द समीर बहाते हैं। -- पत्ते, फूल, मूल, फल जिनके, जीवन देने वाले हैं, देते है...
Akhilesh Karn
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गायक : उषा मंगेशकर व साथी फिल्म/एल्बम:  पिया रखिह सेनुरवा के लाजगीतकार:  समीरसंगीतकार:  चित्रगुप्तलेबल:  टी सीरीज (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); बिनती करिले तोसे आजसुनिल ए शिवजी बिनती करिले तोसे आजसु...
Akhilesh Karn
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); गायक : कविता कृष्णमूर्ति व साथीफिल्म/एल्बम:  सजनवा बैरी भइले हमारगीतकार:  समीरसंगीतकार:  चित्रगुप्तलेबल:  वीनस (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हो हो हो...
Akhilesh Karn
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); गायक :  आशा भोंसले व साथीफिल्म/एल्बम:  सजनवा बैरी भइले हमारगीतकार:  समीरसंगीतकार:  चित्रगुप्तलेबल:  वीनस (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हो हो हो हो हो ह...
मुकेश कुमार
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सफ़र के आगाज में मैं था तुम साजैसे तुम उद्गम से निकलती तेज बहाव वाली नदी की कल कल जलधाराबड़े-बड़े पत्थरों को तोड़तीकंकड़ों में बदलती, रेत में परिवर्तित करतीबनाती खुद के के लिए रास्ता.थे जवानी के दिनतभी तो कुछ कर दिखाने का दंभ भरतेजोश में रहते, साहस से लबरेज&nb...
Akhilesh Karn
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फिल्म : सजन संग लगायी लगनिया रेगायक: अल्का याज्ञनिक एवं साथीगीतकार: समीरसंगीतकार : आनंद मिलिंदछन छन छन छनन छन छनछन छन छन छनन छन छनछन छन छन छनन छन छनछन छन छन छनन छन छनकहे चूड़ियां कहे चूड़िंया कंवारी बार बार सजनातना तना तनन तना तनन देरे नाकहे चूड़ियां कंवारी बार बार सज...
अर्चना चावजी
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आज एक पॉडकास्ट समीरलाल "समीर" जी का -जैसे हवाई चप्पल के दिन बहूरे , वैसे सबके बहूरे
DHRUV SINGH  "एकलव्य"
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                                                    "तूँ है एक अनुपम तस्वीर" 'नारी'  चिरस्थाई जीवन वट "नारी" चिरस्थाई जी...
रणधीर सुमन
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आईपीएस अफसर ने सरकारी गवाह बनने के लिए दी धमकी ना मानने पर  मुकदमे में डाला                         कर्नाटक मुहकमात के आला अफसर आइपीएस अलोक कुमार...
मुकेश कुमार
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सफ़र के आगाज में मैं थाजैसे उद्गम से निकलतीतेज बहाव वाली नदी की कल कल जलधाराबड़े-बड़े पत्थरों को तोडतीकंकडो में बदलती, रेत में परिवर्तित करतीबनाती खुद के के लिए रास्ता.थे जवानी के दिनतभी तो कुछ कर दिखाने का दंभ भरतेजोश में रहते, साहस से लबरेज !!सफ़र के मध्यान में हूँकभ...