ब्लॉगसेतु

Bharat Tiwari
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‘आइटी सेल’ मानसिकता का विषाणु उदारवाद, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की पक्षधरता का दावा करनेवाले के मस्तिष्क को भी संक्रमित कर रहा है — प्रकाश के रेसम्पादकीयरवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों!— प्रकाश के रेपिछले महीने जब रवीश कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत...
sanjiv verma salil
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सम्पादकीय:साहित्य: अनुभूति को अभिव्यक्त करने की सुरुचि पूर्ण कला साहित्य की जन्मदात्री है. ’सहितस्य भाव:’ तथा ‘हितेन सहितं’ के निकष पर साहित्य में सबका साथ होना तथा सबके लिए हितकर होना आवश्यक है. साहित्य में बुद्धि, भाव, कल्पना तथा कला तत्वों का सम्मिश्रण अपरिहार्य...
Bharat Tiwari
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तारीखी तस्वीर — मुकेश भारद्वाजआमार शोनार बांग्ला,आमि तोमाए भालोबाशी.(मेरा सोने जैसा बंगाल / मैं तुमसे प्यार करता हूं)...रवींद्रनाथ टैगोर ने 1905 में यह गीत लिखा था जब अंग्रेजों ने मजहब के आधार पर बंगाल के दो टुकड़े कर दिए थे। गुरुदेव का लिखा यह गीत उस बांग्लाद...
Bharat Tiwari
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बस सुन लेते हो?— भरत तिवारीThe panel of doctors which conducted postmortem examination on the intervening night of Monday and Tuesday, noted down 14 ante-mortem injuries on Devendra’s body. The panel also found two of his teeth were broken recently and fresh injuri...
रणधीर सुमन
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साथियों,     लोकसंघर्ष की ओर से राज्य सम्मेलन की शुभकामनाएँ तथा बधाई। यह सम्मेलन भारत के इतिहास के एक खास मोड़-मुकाम पर हो रहा है। जब दक्षिण पंथी शक्तियाँ देश और दुनिया को मनुष्यता और न्याय को, जनवादी और लोकतांत्रिक मूल्यों को, हमारे और हमारे बच्चों क...
Bharat Tiwari
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मौत   के   कागज़  सभी भरने लगेअब  तो जीते जी  ही सब मरने लगेभरभरा   परदे   सभी   गिरने  लगे जो    ढंके   थे   चेहरे  दिखने   लगेक...
Bharat Tiwari
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राजनीतिक दोगलेपन ढंकते नारों का पर्दा...Rajdeep Sardesai‘हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस को हराकर धर्मनिरपेक्षता का बचाव करने के लिए एकजुट हो रहे हैं,’ अपने खास अंदाज़ में लालू यादव ने सितंबर 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले मुझे दिए इंटरव्यू में कहा था...
Bharat Tiwari
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जब मीडिया संस्थानों का मालिक कौन है —  पता ही नहीं हो, तब नेताओं और उनकी भाड़े की सेनाओं के लिए हमें ‘प्रेस्टीट्यूटस’ कहना आसान हो जाता है।कभी स्वयं बेहद लोकप्रिय और बातचीत पसंद बीजेपी प्रवक्ता रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को मीडिया के सवालों की पहुँच स...
Bharat Tiwari
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साहित्य एक समोसा — सुधीश पचौरीमैं देख रहा था कि साहित्य का अंत हो रहा है और उसका चिर सखा समोसा कोने में पड़ा रो रहा है।मुझे पता था कि एक दिन ऐसा आएगा कि मंडी हाउस के गोल चक्कर के बीच खडे़ होकर साहित्य बिसूरता हुआ मिलेगा। किशोर कुमार का पुराना गीत गाता हुआ —&nbs...
Bharat Tiwari
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भूगर्भीय जलभंडार तेज़ी से छीज रहा है— मृणाल पाण्डेजहाँ पहले 50 फुट पर पानी मिल जाता था, पानी निकालने को 700 से हज़ार फीट तक बोरिंग ज़रूरी है। इस देश का सबसे पुराना और सबसे गहरा रागात्मक रिश्ता अगर किसी से रहा है, तो अपने जलस्रोतों से। अपनी नदियों को इस कृषि प...