ब्लॉगसेतु

sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला:*मले उषा के गाल पर, सूरज छेड़ गुलालबादल पिचकारी लिए, फगुआ हुआ कमाल.*नीता कहती नैन से, कहे सुनीता-सैन.विनत विनीता चुप नहीं, बोले मीठे बैन.*दोहा ने मोहा दिखा, भाव-भंगिमा खूब.गति-यति-लय को रिझा कर, गया रास में डूब.*रोगी सिय द्वारे खड़ा, है लंकेश बुखार.भिक्षा...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला 2018 ki laghukathayen
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला:शब्द-शब्द अनुभूतियाँ, अक्षर-अक्षर भाव.नाद, थाप, सुर, ताल से, मिटते सकल अभाव..*सलिल साधना स्नेह की, सच्ची पूजा जान.प्रति पल कर निष्काम तू, जीवन हो रस-खान..*उसको ही रस-निधि मिले, जो होता रस-लीन.पान न रस का अन्य को, करने दे रस-हीन..*दोहा पिचकारी लियेसंजीव '...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला लय रस होली
sanjiv verma salil
6
बुंदेली रचनाएँ - सलिललेख:बुन्देली लोकरंग की साक्षी : ईसुरी की फागेंसंजीव.बुंदेलखंड के महानतम लोककवि ईसुरी के काव्य में लोकजीवन के सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक पक्ष पूरी जीवन्तता और रचनात्मकता के साथ उद्घाटित हुए हैं. ईसुरी का वैशिष्ट्य यह है कि वे तथाकथित संभ्रां...
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला स्मृतियों के वातायन से* बंद झरोखा कर दिया, अब न सकेगी झाँक।दूर रहेगी जिंदगी, सच न सकेगी आँक।।मन में मेरे क्या छिपा, पूछ रही आ द्वार।खाली हाथों लौटती, प्रतिवेशिनी हर बार।।रहे अधूरे आज तक, उसके सब अरमान।मन की थाह न पा सके, कोशिश कर नादान।।सु...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला*खिली मंजरी देखकर, झूमा मस्त बसंतफगुआ के रंग खिल गए, देख विमोहित संत*दोहा-पुष्पा सुरभि से, दोहा दुनिया मस्तदोस्त न हो दोहा अगर, रहे हौसला पस्त*जब से ईर्ष्या बढ़ हुई, है आपस की जंगतब से होली हो गयी, है सचमुच बदरंग*दोहे की महिमा बड़ी, जो पढ़ता हो लीनसारी दुनिय...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला
sanjiv verma salil
6
दोहा सलिला होली *होली का हर रंग दे, खुशियाँ कीर्ति समृद्धि.मनोकामना पूर्ण हों, सद्भावों की वृद्धि..स्वजनों-परिजन को मिले, हम सब का शुभ-स्नेह.ज्यों की त्यों चादर रखें, हम हो सकें विदेह..प्रकृति का मिलकर करें, हम मानव श्रृंगार.दस दिश नवल बहार हो, कहीं न हो...
 पोस्ट लेवल : दोहा सलिला होली
sanjiv verma salil
6
अंगरेजी में खाँसते...संजीव 'सलिल'*अंगरेजी में खाँसते, समझें खुद को श्रेष्ठ.हिंदी की अवहेलना, समझ न पायें नेष्ठ..**टेबल याने सारणी, टेबल माने मेज.बैड बुरा माने 'सलिल', या समझें हम सेज..*जिलाधीश लगता कठिन, सरल कलेक्टर शब्द.भारतीय अंग्रेज की, सोच करे बेशब्द..*नोट लिखे...
sanjiv verma salil
6
इस हफ्ते की किताबभारतीय कला में सलिल-क्रीड़ाएं एवं सद्य: स्नाता नायिकाअंकिता बंगवालइस पुस्तक में सलिल क्रीड़ा एक उत्सव की तरह है, जिसके परिवेश में नायिकाओं के सौंदर्य पर बात हुई है। लेकिन इस उत्सव में अपनी संस्कति की कई कथा भी हैं।भारतीय परंपरा  में वास्तुकला...
sanjiv verma salil
6
छंद सलिला२९ मात्रिक महायौगिक जातीय, कला त्रयोदशी छंद*विधान :प्रति पद प्रथम / विषम चरण १६ कला (मात्रा)प्रति पद  द्वितीय / सम चरण १३ कलानामकरण संकेत: कला १६,   त्रयोदशी तिथि १३यति  १६ -  १३ पर, पदांत गुरु ।*लक्षण छंद:कला कलाधर से गहता जो...
sanjiv verma salil
6
ॐछंद सलिला*सात मात्रिक लौकिक जातीय छंद*प्रकार २१*१ शुभगति / सुगती छंद*विधान पदांत ग सप्त ऋषि होशांति-सुख बोतप करो रे!दुख हरो रे!**आठ मात्रिक वासव जातीय छंद*प्रकार ३४*२ मधुभार / छवि छंद*विधान पदांत ज अठ वसु! न हारनिज छवि निहारहम कर सुधारभू लें सँवार**नौ मात्रिक आंक...
 पोस्ट लेवल : छंद सलिला