ब्लॉगसेतु

kumarendra singh sengar
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वर्षों पुराने दो परिचित. सामाजिक ताने-बाने के चक्कर में, शिक्षा-कैरियर के कारण चकरघिन्नी बन दोनों कई वर्षों तक परिचित होने के बाद भी अपरिचित से रहे. समय, स्थान की अपनी सीमाओं के चलते अनजान बने रहे. तकनीकी विकास ने सभी दूरियों को पाट दिया तो उन दोनों के बीच की दूरिय...
kumarendra singh sengar
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वैश्विक समुदाय के साथ कदमताल करने के प्रयास में लगभग सारा समाज पूरे जीजान से जुटा हुआ है. पश्चिमी सभ्यता के सुर-लय को पकड़ने की कोशिशों में हमने पहनावा, रहन-सहन, शालीनता, संस्कृति, भाषा, रिश्तों, मर्यादा आदि तक को दरकिनार करने से परहेज नहीं किया जा रहा है. पश्चिम से...
sanjiv verma salil
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पुस्तक चर्चा:शब्द अपाहिज मौनी बाबा - शिवानंद सिंह सहयोगीमधुकर अष्ठाना सहयोगीजी की रचनाओं में सम्वेदनात्मक अनुभूतियों की चरम परिणति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। कवि सामान्य व्यक्तियों से अधिक सम्वेदनशील होते हैं तथा सम्वेदना उन्हें काव्यकला के सहयोग से कृतित्...
sanjiv verma salil
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पुस्तक चर्चा:सूरज भी क्यों बंधक - शिवानंद सिंह सहयोगीडॉ. पशुपतिनाथ उपाध्याय गीत का प्राणतत्व गेयता है, जिसमें लयात्मकता हो, ध्वन्यात्मकता हो और संगीतात्मकता हो – वही सार्थक शब्द रचना गीत कहलाती है। सृष्टि स्वयं लयात्मक है जिसमें एक लय है, एक स्पंदन है और एक सक...
विजय राजबली माथुर
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स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं ) इतनी संवेदनहीन क्यों है हमारी पुलिस ?(सौजन्य अखबार 'सुबह सवेरे')Dhruv Gupt04-06-2018 अभी कुछ ही दशक पहले की बात है कि गांव-मुहल्लों में पुलिस...
Ramesh pandey
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नई दिल्ली। भारत और इटली ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और इटली की स्वास्थ मंत्री सुश्री बिट्रिस लोरेंजिन ने स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और इटली के उच्...
 पोस्ट लेवल : सहयोग
VMWTeam Bharat
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जुड़ते -टूटते धागों ने ,जलते बुझते आगों ने ,बनते बिगड़ते रागों ने ,समाज के विषधर नागों नेपद-निशान को किसने मोड़ दियापथ " निशान " का किसने मोड़ दिया ||१पकड़ते छूटते हाथों नेमिलते बिछड़ते साथों नेबनती बिगडती बातों नेमुंह मांगी सौगातों नेपद-निशान को किसने मोड़ दियापथ " निशान...
kumarendra singh sengar
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बच्चों के लिए ‘बस दो मिनट’ में तैयार होने वाली मैगी संकट की स्थिति में दिख रही है. मनमाफिक घरेलू पकवानों, नाश्ते की स्वादिष्ट परम्परा को समाप्त करके मैगी विगत कई वर्षों से माताओं के लिए वरदान साबित हो रही थी. किसी भी समय नाश्ते में, भोजन में. छुट्टियों में, सुबह म...
kumarendra singh sengar
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इधर दो-तीन दिनों से लगातार दुखद खबरें आ रही हैं जिनके द्वारा ज्ञात हुआ कि सोशल मीडिया पर नियमित रूप से सक्रिय कुछ व्यक्तियों ने किन्हीं कारणों से आत्महत्या जैसा कदम उठाया और अपने जीवन को समाप्त कर लिया. ये समझने वाली बात है कि सोशल मीडिया में अपनी जबरदस्त उपस्थिति...
kumarendra singh sengar
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इन्सान की फितरत की भांति ही अब मौसम अपनी फितरत बदलने में माहिर हो गया है. गर्मी के मौसम में बारिश, सर्दी के मौसम में देर तक सर्दी का एहसास न होने देना, अब बसंत के मौसम में घनघोर बारिश के द्वारा वो अपनी मनमर्जी का संकेत दे रहा है. लगभग सम्पूर्ण देश में मौसम के इस ब...