ब्लॉगसेतु

अमितेश कुमार
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नाटक एक ऐसा माध्यम है जिसका दर्शक अभिन्न आंतरिक अंग है. अन्य कला के भावकों की तरह, या साहित्य के पाठक की तरह वह बाहरी नहीं है. नाट्य प्रस्तुति को संभव करने में नाटककार, अभिनेता, निर्देशक, पार्श्वकर्मी के साथ दर्शक भी जरूरी है. कहा भी जाता है कि एक अभिनेता और ए...
 पोस्ट लेवल : सहृदय Audience दर्शक
विजय राजबली माथुर
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 29 सितंबर 2012 का फेसबुक स्टेटस-  "चार सितंबर 1995 को एक डॉ साहब (जो पहले डीजल इंजिनों का धंधा करते थे और अपने श्वसुर साहब के रेजिस्ट्रेशन पर उस समय प्रेक्टिस कर रहे थे )मेरे तत्कालीन निवास-कमलानगर,आगरा पर पधारे एवं मुझ पर किसी खास व्यक्ति से जिससे मै...