' ब्रह्मसूत्रेण पवित्रीकृतकायाम् ' यह लिखा है कादम्बरी में सातवीं शताब्दी में आचार्य बाणभट्ट ने। अर्थात  महाश्वेता ने जनेऊ पहन रखा है, तब तक लड़कियों का भी उपनयन होता था। (अब तो सबका उपहास अवैज्ञानिक कह कर उड़ाया जाता है)। श्रावणी पूर्णिमा अर्थात रक्षा - बंधन...