ब्लॉगसेतु

Ajay Singh
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॥ पितृसूक्त ॥ ऋग्वेदके १० वें मण्डलके १५वें सूक्तकी १-१४ ऋचाएँ ‘पितृसूक्त’ के नामसे ख्यात हैं । पहली आठ ऋचाओं में विभिन्न स्थानों में निवास करनेवाले पितरों को हविर्भाग स्वीकार करने के लिये आमन्त्रित किया गया है । अन्तिम छः ऋचाओं में अग्नि से प्रार्थना क...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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अभीष्ट फलदायक बाह्य शान्ति सूक्त (कुल-देवता की प्रसन्नता के लिए अमोघ अनुभूत सूक्त) नमो वः पितरो, यच्छिव तस्मै नमो, वः पितरो यतृस्योन तस्मै । नमो वः पितरः, स्वधा वः पितरः ॥ 1 ॥ नमोऽस्तु ते निर्ऋर्तु, तिग्म तेजोऽयस्यमयान विचृता बन्ध-पाशान् । यमो मह्यं पुनरित् त्वां...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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भगवान् श्रीकृष्ण से सर्वमनोकामना पूर्ति हेतु सरल अनुष्ठान मन्त्रः- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधारमणाय गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा ॥ इस मन्त्र को कदम्बकाष्ठ की छोटी पीठिका (चौकी) – पर अष्टगन्ध अथवा कपूर और केशर से अनार की क...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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भगवान् श्रीकृष्ण के दर्शन के लिये लौकिक सरल अनुष्ठान (१) कच्चित्तुलसि कल्याणि गोविन्दचरणप्रिये । सह त्वालिकुलैर्बिभ्रद् दृष्टस्तेऽतिप्रियोऽच्युतः ॥ (श्रीमद्भागवत १० । ३०। ७) इस मन्त्र को बिल्वकाष्ठ की छोटी-सी पीठिका (चौकी) बनवाकर तुलसीकाष्ठ की ही कलम से लिखकर रोज...
 पोस्ट लेवल : वैदिकजगत साधन-माला
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श्रीराधा-माधवप्रेमकी प्राप्तिके लिये लौकिक सरल अनुष्ठान साधक भक्त स्नान करनेके बाद श्रीराधामाधव- प्रेमप्राप्तिके लिये सर्वप्रथम भगवान् श्रीराधामाधव के युगलस्वरूपवाले किसी मनभावन चित्रपट को सामने रखकर उसका पंचोपचार पूजन करे, तत्पश्चात् शुद्ध वस्त्र धारणकर, शुद्ध आसन...
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श्रीनृसिंह पूजन विधि नृसिंह जयन्ती इस वर्ष 17 मई 2019 को है । वैष्णव भक्तों को इस दिन नृसिंह जी की षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना करनी चाहिए । इस दिन भगवान् नृसिंह की पूजा करने से उनकी विशिष्ट कृपा प्राप्त होती है । पूजन विधि:- पूजाकक्ष या किसी अन्य कक्ष में चौकी पर...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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शत्रुबाधा निवारण हेतु नृसिंह कवच प्रयोग सर्वप्रथम दाहिने हाथ में जल लेकर निम्नलिखित विनियोग का पाठ करें :- विनियोगः- “ॐ अस्य श्रीनृसिंह कवच मन्त्रस्य प्रजापतिर्ऋषिः गायत्रीश्छन्दः नृसिंह देवता, क्ष्रौं बीजं, मम सर्वारिष्ट च शत्रुक्षयाय पूर्वकं ममाभीष्ट सिद्ध्...
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जानकी नवमी से करें शीघ्र विवाह हेतु जानकी मंगल प्रयोग शीघ्र विवाह के लिए जहाँ गौरी और शंकर की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर जानकी और श्रीराम की भी पूजा-उपासना की जाती है । माता जानकी की कृपा से न केवल शीघ्र विवाह होता है, वरन् अच्छे वर की भी प्राप्ति होती है । तुल...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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महर्षि आश्वलायन-कृत माँ सरस्वती का विशिष्ट पाठ मंगलाचरणः ॐ वाङ् मे मनसि प्रतिष्ठिता। मनो मे वाचि प्रतिष्ठितमाविरावीर्य एधि। वेदस्य म आणीस्थः। श्रुतं मे मा प्रहासीः। अनेनाधीतेनाहो-रात्रान्। सन्दधाम्यमृतं वदिष्यामि। सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्...
 पोस्ट लेवल : साधन-माला
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॥ देवी-देवताओं के गायत्री मन्त्र ॥ सरस्वती गायत्री मन्त्रः- “ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥” षडङ्गन्यासः- ॐ ऐं वाग्देव्यै हृदयाय नमः ॥ १ ॥ ॐ विद्महे शिरसे स्वाहा ॥२॥ ॐ कामराजाय शिखायै वषट् ॥ ३ ॥ ॐ धीमहि कवचाय हुम् ॥ ४ ॥...
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