ब्लॉगसेतु

अभिलाषा चौहान
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 पोस्ट लेवल : सम-सामयिक कविता
jaikrishnarai tushar
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स्मृतिशेष कवि -कैलाश गौतम कुछ सामयिक दोहे -कवि कैलाश गौतम चाँद शरद का मुंह लगा ,भगा चिकोटी काट |घण्टों सहलाती रही ,नदी महेवा घाट |नदी किनारे इस तरह ,खुली पीठ से धूप |जैसे नाइन गोद में ,लिए सगुन का सूप |तितली जैसे उड़ रही ,घसियारिन रंगीन |गेहूं कहता दो -नली...
sanjiv verma salil
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सामयिक गीत नूराकुश्ती खेल रहे होदेश गर्त में ठेल रहे हो*तुम ही नहीं सयाने जग मेंतुम से कई समय के मग मेंधूल धूसरित पड़े हुए हैंशमशानों में गड़े हुए हैंअवसर पाया काम करो कुछमिलकर जग में नाम करो कुछरिश्वत-सुविधा-अहंकार हीझिल रहे हो, झेल रहे होनूराकुश्ती खेल रहे होद...
 पोस्ट लेवल : सामयिक गीत
Basudeo Agarwal
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(विश्वकर्मा तिथि)सत्रह सेप्टेंबर की तिथि है, देव विश्वकर्मा की न्यारी,सृजन देव ये कहलाते हैं, हाथी जिनकी दिव्य सवारी,याद इन्हें तो करते सारे, भूल उन्हें पर हम जाते हैं,जिन मजदूरों से इस भू पर, खिलती निर्माणों की क्यारी।(32 मात्रिक छंद)*********(पर्यटक दिवस)विश्व-पर...
अजय  कुमार झा
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सड़क दुर्घटनाओं की खबरें अब नियमित  रूप से समाचारों में देखने पढ़ने व सुनने को मिल जाती हैं | अफ़सोस और उससे अधिक चिंता की बात ये है की इन घटनाओं में लगातार इज़ाफ़ा ही हो रहा है | दो पहिआ वाहन से लेकर चार पहिया वाहन और भारी वाहन तक कोई भी इससे अछूता नहीं है |...
Kavita Rawat
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Basudeo Agarwal
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सिमटा ही जाये देश का देहात शह्र में।लोगों के खोते जा रहे जज़्बात शह्र में।सरपंच गाँव का था जो आ शह्र में बसा।खो बैठा पर वो सारी ही औक़ात शह्र में।।221  2121  1221  212*********खड़ी समस्या कर के कुछ तो, पैदा हुए रुलाने को,इनको रो रो बाकी सारे, हैं कुहराम...
ऋता शेखर 'मधु'
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धरती को ब्याह रचाने दो------------------------------धरती ब्याह रचाती हैपीले पीले अमलतास सेहल्दी रस्म निभाती हैधानी चुनरी में टांक सितारेगुलमोहर बन जाती हैदेखो, धरती ब्याह रचाती है।आसमान के चाँद सितारेउसके भाई बन्धु हैंलहराते आँचल पर निर्मलबहता जाता सिंधु हैओढ़ चुनरि...
शिवम् मिश्रा
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सरकार ने आखिरकार आरक्षण के भूत की एक बार फिर से चुटिया पकड़ ली है | हालांकि मेरे जैसे एक साधारण व्यक्ति जो सिर्फ अपने श्रम और संघर्ष पर अपना मुकाम हासिल कर पाया के लिए किसी भी तरह का आरक्षण , ठीक उस बैसाखी की तरह है जो दो पाँव से चलने दौड़ने वाले तक को जबरन थमाया जा...
अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी
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डॉक्टर कफील का नाम तो आप लोगों के जेहन में अभी पुराना नहीं पड़ा होगा! ये वही डॉक्टर हैं जो बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में डॉक्टर थे। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित यह मेडिकल कालेज वही है जहाँ पिछले साल अगस्त के दूसरे सप्ताह में लगभग साठ बच्चों की मौत हो गयी...
 पोस्ट लेवल : समसामयिक