ब्लॉगसेतु

ज्योति  देहलीवाल
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किन्नरों को हरदम सामाजिक तिरस्कार का सामना करना पड़ता हैं। क्या गुनाह किया हैं किन्नरों ने? भगवान ने उन्हें बीच का इंसान बनाया इसमें किन्नरों की क्या गलती हैं? 84 लाख योनियों में ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना 'इंसान' हैं और सबसे विकृत रचना हैं, 'किन्नर'! इंसानों की दो ह...
अनीता सैनी
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वे सजकता की सीढ़ी से,  क़ामयाबी के पायदान को पारकर,  अपनी तीक्ष्ण बुद्धि से, सुख का आयाम शोषण को बताने लगे |सुन्न हो रहे दिल-ओ-दिमाग़,   दर्द में देख मानव को मानव अटटहास करता, सूख रहा हरसिंगार-सा हृदय, पारस की चाह में...
अनीता सैनी
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अदब से आदमी,आदमी होने का ओहदा, आदमीयत की अदायगी आदमी से  करता,  आदमी इंसानियत का लबादा पहन,  स्वार्थ के अंगोछे में लिपटा इंसान बनना चाहता  |सूर्य के तेज़-सी आभा मुख मंडल पर सजा,  ज्ञान की धारा का प्रारब्धकर्ता कहलाता,&nbs...
अनीता सैनी
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ज़िम्मेदारी के अभाव का घूँट, अस्पताल का मुख्यद्वार पी रहा,  व्यवस्था के नाम पर, दम तोड़तीं टूटीं खिड़कियाँ,  दास्तां अपनी सुना रहीं, विवशता दर्शाती चौखट,  दरवाज़े को हाँक रही, ख़राब उपकरणों की सजावट, ...
अनीता सैनी
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  दिन, सप्ताह, महीनें और वर्ष, आग़ोश में समेटे वह जा रही है, शिकवा न शिकायत, जख़्म अनगिनत लिये जा रही है  |अक्स इबादत का मक़बूल किये,  बदलने स्वरुप इस जहां का जा रही है,   2019 को 2020 कह पुकारेंगे,   यह...
अनीता सैनी
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स्वयं की सार्थकता सर्वोपरि,  यही विकार हृदय को कलुषित कर,   प्रभाव की परिभाषा जनमानस गढ़ता चला लगा,  प्रभुत्त्व के मद में डूबा यह दौर,   विचारों की क्षीणता स्वयं के सीने में सजाये,   अपने नज़रिये को औक़ात कह गया |...
सुशील बाकलीवाल
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        वर्तमान समय में जैन लडके व लडकियों की शादी अपने सामाजिक जैन परिवार में ही हो यह आज के समय मे न सिर्फ लडके व लडकी के सुखी व सुरक्षित भावी जीवन के लिये बल्कि समाज विकास के लिये भी अत्यन्त आवश्यक हो चला है जिसका एक मुख्य कारण जैन समाज का आब...
ज्योति  देहलीवाल
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प्रभु ईसा मसीह के जन्मदिन के रुप में पूरी दुनिया में 25 दिसम्बर को क्रिसमस डे मनाया जाता हैं। लेकिन इस तारीख को यीशु का जन्म नहीं हुआ था। सांता क्लॉज यीशु नहीं हैं, फ़िर क्रिसमस डे से उनका क्या संबंध हैं? जानिए, 25 दिसम्बर को यीशु का जन्म न होने के बावजूद क्रिसमस डे...
ज्योति  देहलीवाल
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मैं परिवार के साथ 27 नवंबर 2019 से 3 दिसंबर 2019 दुबई यात्रा पर थी। हम छ: लोग (मैं, पतिदेव, बेटा, बेटी, दामाद और बेटी की बेटी) थे। हम लोग दुबई, आबू धाबी, शारजाह आदि राज्यों में घुमे। लगभग 400-450 किलोमीटर के भ्रमण में हर वक्त मुंह से वा...व्व...निकल रहा था औ...
Saransh Sagar
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विषय संवेदनशील है पर इस समय कोई भी व्यक्ति इससे अपरिचित नही रह गया है इसीलिए सभी मित्रों,अग्रज व अनुज के विचार आमंत्रित है !!! रेप , ब्लात्कार य दुष्कर्म जैसी घटनायें होने के क्या क्या कारण है ? वो कौन से तत्व है जो इन अपराधों को जन्म देते है !! रेप , ब्लात्का...