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Saransh Sagar
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। । दोहा । । अलख निरंजन आप हैं , निरगुण सगुण हमेश । नाना विधि अवतार धर , हरते जगत कलेश । । बाबा गंगारामजी , हुए विष्णु अवतार । चमत्कार लख आपका , गूंज उठी जयकार । । ॥ चौपाई ॥ गंगाराम देव हितकारी , वैश्य वंश प्रकटे अवतारी । । पूर्वज...
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॥ दोहा ॥ श्री गणपति गुरुपद कमल , प्रेम सहित सिरनाय । नवग्रह चालीसा कहत , शारद होत सहाय । । जय जय रवि शशि सोम बुध , जय गुरु भृगु शनि राज । जयति राहु अरु केतु ग्रह , करहु अनुग्रह आज ।  ॥ चौपाई ॥ ।। श्री सूर्य स्तुति ।। प्रथमहि...
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  ॥  दोहा ॥  जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब । देहु दर्श जगदम्ब अब  करो न मातु विलम्ब । । जय तारा जय कालिका जय दश विद्या वृन्द । । काली चालीसा रचत एक सिद्धि कवि हिन्द । प्रातः काल उठ जो पढ़े , दुपहरिया या शाम । । द...
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Image Source - Dailyhunt|  | दोहा |  | हे पितरेश्वर आपको दे दियो आशीर्वाद , चरणाशीश नवा दियो रखदो सिर पर हाथ । सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी , हे पितरेश्वर दया राखियो करियो मन की चाया जी ॥ पितरेश्वर करो मार्ग उजागर ,...
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 हम यहाँ पाठकों व् ज्योतिष प्रेमियों के लिए सभी मूलांक के भविष्यवाणी प्रकाशित कर रहे है !! कृपया ध्यान पूर्वक उसे पढ़े व् शेयर करे ! आपको मूलांक-1 से मूलांक-9 तक के भविष्यवाणी की जानकारी मिलेगी !!मूलांक 1 का विश्लेषण : ज्योतिष ज्ञानसागर | Gyansagar ( ज्ञानसागर...
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 । । दोहा । । मातु लक्ष्मी करि कृपा , करो हृदय में वास । मनोकामना सिद्ध करि , पुरवहु मेरी आस । । ।। सोरठा ।।   यही मोर अरदास , हाथ जोड़ विनती करूँ । सब विधि करौ सुवास , जय जननि जगदंबिका । ।  ॥ चौपाई ॥ सिन्...
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Shree Bamleshwari Chalisa In Hindi  जय जय जय विमले महारानी , तेरी माया जग नहीं जानी । मस्तक रजत मुकुट हैं राजे , बाँये अखण्ड ज्योति बिराजे । । मंगल , शनि होत अभिषेका , आरति , पूजन भांति अनेका । केहरि साक्षात् रखवाला , अति मंजुल रमणीक शिवाला ।&nb...
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 ॥ दोहा॥बन्दहुँ वीणा वादिनी , धरि गणपति को ध्यान । । महाशक्ति राधा सहित , कृष्ण करौ कल्याण । सुमिरन करि सब देवगण , गुरु पितु बारम्बार । बरनौ श्रीगिरिराज यश , निज मति के अनुसार । ॥ चौपाई ॥ जय हो जय बंदित गिरिराजा , ब्रज मण्डल के श्री मह...
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। । दोहा । । कनक बदन कुण्डल मकर , मुक्ता माला अङ्ग । पद्मासन स्थित ध्याइये , शंख चक्र के सङ्ग  । ।॥ चौपाई ॥ जय सविता जय जयति दिवाकर , सहस्रांशु ! सप्ताश्व तिमिरहर । । भानु ! पतंग ! मरीची ! भास्कर ! सविता ! हंस सुनूर विभाकर । विवस्वान !...
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 ॥ दोहा ॥सिर नवाइ बगलामुखी , लिखू चालीसा आज । कृपा करहु मोपर सदा , पूरन हो मम काज । । । । । चौपाई । । जय जय जय श्री बगला माता , आदिशक्ति सब जग की त्राता । बगला सम तब आनन माता , एहि ते भयउ नाम विख्याता । शशि ललाट कुण्डल छवि न्यारी , अस्...