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Saransh Sagar
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। । दोहा । । जय काली जगदम्ब जय , हरनि ओघ अघ पुंज । वास करहु निज दास के , निशदिन हृदय - निकुंज । । जयति कपाली कालिका , कंकाली सुख दानि । कृपा करहु वरदायिनी , निज सेवक अनुमानि । । ॥ चौपाई ॥ जय , जय , जय काली कंकाली , जय कपालिनी , जयति कर...
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 ॥ दोहा ॥ विश्वनाथ को सुमिर मन , धर गणेश का ध्यान । भैरव चालीसा रचूं , कृपा करहु भगवान । । बटुकनाथ भैरव भजू , श्री काली के लाल । । छीतरमल पर कर कृपा , काशी के कुतवाल । ॥ चौपाई ॥ जय जय श्रीकाली के लाला , रहो दास पर सदा दयाला ।&nbsp...
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। ।  दोहा । । सुवन केहरी जेवर सुत महाबली रनधीर  । । बंदौ सुत रानी बाछला विपत निवारण वीर । । जय जय जय चौहान वंश गूगा वीर अनूप । । अनंगपाल को जीतकर आप बने सुर भूप । । । ॥ चौपाई ॥ जय जय जय जाहर रणधीरा , पर दुख भंजन बागड़ वीरा ।...
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  ॥ दोहा ॥ शीश नवा अरिहंत को , सिद्धन करुं प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का , ले सुखकारी नाम । । सर्व साधु और सरस्वती , जिन मन्दिर सुखकार । अहिच्छत्र और पार्श्व को , मन मन्दिर में धार । । ॥ चौपाई ॥ पाश्र्वनाथ जगत हितकारी , हो स्वामी तु...
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  । । दोहा । । श्री भैरव संकट हरन , मंगल करन कृपालु । करहु दया निज दास पे , निशिदिन दीनदयालु । । । चौपाई । ।  जय डमरूधर नयन विशाला , श्याम वर्ण , वपु महा कराला । जय त्रिशूलधर जय डमरूधर , काशी कोतवाल , संकटहर । जय गिरिजासुत पर...
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॥ दोहा ॥शीश नवा अरिहन्त को , सिद्धन करूं प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का , ले सुखकारी नाम । सर्व साधु और सरस्वती , जिन मन्दिर सुखकार ।। महावीर भगवान को , मन - मन्दिर में धार ॥ ॥ चौपाई ॥ जय महावीर दयालु स्वामी , वीर प्रभु तुम जग में नामी । ...
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Shree Saraswati Chalisa In Hindi                                                                  &n...
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॥ दोहा ॥ गणपति की कर वंदना , गुरू चरनन चितलाय । प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय । । जय जय भूताधिप प्रबल , हरण सकल दुःख भार । वीर शिरोमणि जयति , जय प्रेतराज सरकार । । ॥ चौपाई ॥ जय जय प्रेतराज जग पावन , महा प्रबल त्रय ताप नसावन ।&nbsp...
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Shree Kundalini Chalisa In Hindi॥ दोहा ॥ सिर सहस्रदल कौ कमल , अमल सुधाकर ज्योति । । ताकी कनिका मध्य में , सिंहासन छवि होति ॥ शांत भाव आनंदमय , सम चित विगत विकार । शशि रवि अगिन त्रिनेत्रयुत , पावन सुरसरिधार ॥ सोहै अंक बिलासिनी , अरुन बरन सौ...
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 ॥ दोहा ॥ बन्दउ माँ शाकम्भरी चरणगुरू का धरकर ध्यान । शाकम्भरी माँ चालीसा का करे प्रख्यान ॥ आनन्दमयी जगदम्बिका अनन्त रूप भण्डार । माँ शाकम्भरी की कृपा बनी रहे हर बार ॥ । । चौपाई । । शाकम्भरी माँ अति सुखकारी , पूर्ण ब्रह्म सदा दुःख...