ब्लॉगसेतु

Saransh Sagar
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हम और आप ईश्वर की भक्ति अपनी श्रद्धा,नियम,कायदे के अनुसार करते तो है लेकिन ये नियम और श्रद्धा को पोषित कौन करता है इस पर कभी गौर नही करते !! कैसे हमारी भक्ति और आस्था को बल,शक्ति मिलती है और कैसे उसका हास् होता है ये पता ही नही चलता ! आज ये सच सुनने में खराब जरुर ल...
Saransh Sagar
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नमस्कार पाठकों ! जैसा कि आप सब पाठकों ने मुझे ब्लॉगिंग के विषय में लिखने का अनुरोध किया था और काफी सारे मेसेज व्हाट्सएप्प से प्राप्त हुए थे इसको लेकर के,तो आज सोचा इसपर एक आर्टिकल लिख ही दूँ ! सबसे पहले मै आपको बता दूँ कि ब्लॉग से इनकम कैसे करे इसपर विस्तार से बाद...
Saransh Sagar
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 ये कहानी कोई काल्पनिक नही बल्कि सत्य घटना पर आधारित है !! आज से लगभग ५ वर्ष पूर्व दिल्ली के सरकारी स्कूल ( न्यू कोंडली ) में महेश नाम का विद्यार्थी पढ़ता था ! 8.4 Cgp से उसने प्राइवेट स्कूल से दसवी कक्षा की थी जिसके कारण उसे सरकारी स्कूल में दाखिला मिल गया ! श...
Saransh Sagar
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सर्वप्रथम ये प्रश्न एक कौरियन मित्र प्रवीण मारुकोलू द्वारा क्योरा पर पूछा गया ! जिसको हिंदी में बताने का मेरा मन किया ! अब आते है मूल प्रश्न के उत्तर पर !ब्लॉगस्पॉट वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए काफी सारे साइट्स गूगल व् अन्य सर्च इंजन पर आपको आसानी से...
Saransh Sagar
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बच्चों के लिये भगवान,संसार और स्वर्ग वो माता-पिता है जो अपने बच्चों के देख-भाल और पालन पोषण की कोई कमी नही रखते ! संसार के छोटे-बड़े,अच्छे-खराब सभी तरह के विषम परिस्थितियों से उन्हें अवगत कराते है ! उनके कष्ट कम और हरने का प्रयास करते है और अनुभव से सकारात्मक संदेश...
Saransh Sagar
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Dear Soulmate कहने वाले आज तमाम लोग अपने Soulmate य तो बदल चुके है य फिर बदल रहे है ! सोचकर अफ़सोस और दुःख तो होता ही है और दया,तरस और हैरत भी होती है कि कोई कैसे किसीका दिल दुखाकर चैन से जी रह सकता है ! शहर में रहता हूँ तो शहरी हकीकत से सामना करता ही हूँ और उसको आज...
Saransh Sagar
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किसी गांव में एक सेठ रहता था ! उसका एक ही बेटा था, जो व्यापार के काम से परदेस गया हुआ था. सेठ की बहू एक दिन कुएँ पर पानी भरने गई. घड़ा जब भर गया तो उसे उठाकर कुएँ के मुंडेर पर रख दिया और अपना हाथ-मुँह धोने लगी। तभी कहीं से चार राहगीर वहाँ आ पहुँचे ! एक राहगीर...
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अब्दुल ने २ ही महीने पहले बारवीं पास की थी लेकिन कम अंक प्राप्त होने के कारण उसका दाखिला सरकारी कॉलेज में हो न सका !! क्योंकि गया जो कि बिहार का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है वहां कॉलेज में कम सीट होने के कारण अधिक अंक प्राप्त विद्यार्थियों को ज्यादा प्राथमिकता दे दी...