ब्लॉगसेतु

जेन्नी  शबनम
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सिद्धार्थ शुक्ला (12. 12. 1980 - 2. 9. 2021) मृत्यु का जन्म से बस एक ही नाता है- जन्म लेते ही मृत्यु अवश्यंभावी है। उम्र के साल की गिनती, धन, सम्मान, शोहरत, जाति, धर्म आदि किसी से भी मृत्यु का कोई लेना-देना नहीं। जिस ज़िन्दगी को पाने के लिए न जाने क्य...
अनंत विजय
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इक्कीसवीं सदी का दूसरा दशक समाप्त हो गया और अब हम तीसरे दशक में प्रवेश कर चुके हैं। रचनात्मक लेखन में भी इन दो दशकों में कई बदलाव देखने को मिले। कुछ लेखकों ने अपनी कहानियों में या उपन्यासों में नए प्रयोग किए, भाषा के स्तर पर भी और कथ्य के स्तर पर भी। बावजूद इसके हि...
अनंत विजय
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वर्ष दो हजार बीस बीतने को आया। चंद दिनों बाद ये वर्ष भी इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह जाएगा। पर दो हजार बीस को कोरोना की वजह से सदियों तक याद किया जाता रहेगा। कोरोना के अलावा भी कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिनको इतिहास याद रखेगा। अगर साहित्य सृजन की दृष्टि से देखें तो...
अपर्णा त्रिपाठी
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 बॉलीवुड और हिंदी एक दूसरे के पर्याय है जब बॉलीवुड की बात होती है तो हमारे मन में एक ऐसी तस्वीर उभरती है जिसने सभी भाषा के क्षेत्रों व सीमाओं को तोड़ते हुए हिंदी को जन सुलभ और लोकप्रिय भाषा के पद पर आरूढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । भारतीय सिनेमा जगत को प...
संजीव तिवारी
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 पोस्ट लेवल : सिनेमा फिल्मी
संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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संजीव तिवारी
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