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विजय राजबली माथुर
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कल - आज और कल ===============कभी - कभी कुछ विशेष परिस्थितियों में अतीत के कुछ पल यों मस्तिष्क में घूम जाते हैं जैसे यह पिछले कल के दिन की ही बात है। * ठीक 50 वर्ष पूर्व 1969 में जब मेरठ कालेज , मेरठ में बी ए में प्रवेश लिया तब राजशास्त्र ( pol sc), अर्थशा...
sanjiv verma salil
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 [आमने-सामने, हिंदी-सिन्धी काव्य संग्रह, संपादन व अनुवाद देवी नागरानीशिलालेख, ४/३२ सुभाष गली, विश्वास नगर, शाहदरा दिल्ली ११००३२. पृष्ठ १२६, २५०/-]पृष्ठ ८४-८५ १. शब्द सिपाही १. लफ्ज़न जो सिपाही * * मैं हूँ अदना...