ब्लॉगसेतु

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ढंग निराले होते जग में,  मिले जुले परिवार के।देते हैं आनन्द अनोखा, रिश्ते-नाते प्यार के।।--चमन एक हो किन्तु वहाँ पर, रंग-विरंगे फूल खिलें,मधु से मिश्रित वाणी बोलें, इक दूजे से लोग मिलें,ग्रीष्म-शीत-बरसात सुनाये, नगमे सुखद बहार के।देते हैं आनन्द अनोखा, रिश्ते-न...
 पोस्ट लेवल : नगमे सुखद बहार के गीत
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 सुख दुख सुख-दुख जीवन में सदा, आते एक समान |सुख जल्दी से बीतता, दुख लाता व्यवधान |दुख लाता व्यवधान, झलकती पीड़ा भारी |ईश्वर करता दूर, सखे पनपती पीर तुम्हारी |कह राधे गोपाल, तसल्ली रक्खो मन में |आते रहते पास, अरे सुख-दुख जीवन में ||
सुशील बाकलीवाल
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        शादी में दो दोस्त बहुत समय के बाद मिले,  संयोग से एक की शादी थी और दुसरा बाराती ।         दुल्हा बोला- "यार ऐसा कोई ज्ञान दे जो जिंदगी में काम आए"        बाराती दोस्त - "तुम पहले तो नहीं पीते...
kumarendra singh sengar
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पिछले साल इन्हीं दिनों एक बहुत बड़े से कार्यक्रम का हिस्सा बने हए थे. उसी समय एक बहुत ही बुरी खबर सुनने को मिली थी. कार्यक्रम में चेहरे पर मुस्कराहट लाकर लोगों से मिलने की विवशता और दिल में उस बुरी खबर के चलते उठती दुःख की लहर. दोनों के बीच संतुलन बैठाना और दोनों स्...
 पोस्ट लेवल : सुख-दुःख जीवन ज़िन्दगी
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--जिस बालक का ईश पर, था अनुराग अनन्य।उस नानक के जन्म से, देश हो गया धन्य।।--जाते हैं करतारपुर, जत्थों में सिख लोग।आया सत्तर साल में, आज सुखद संयोग।।--सरिताओं में बह रहा, अब तो पावन नीर।गंगा में डुबकी लगा, निर्मल करो शरीर।।--नदी-झील मिट गया, अब तो सारा पं...
 पोस्ट लेवल : आज सुखद संयोग दोहे
sanjiv verma salil
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ॐछंद सलिला:सुखदा छंद*छंद-लक्षण: जाति महारौद्र, प्रति चरण मात्रा २२ मात्रा, यति १२-१०, चरणांत गुरु (यगण, मगण, रगण, सगण)लक्षण छंद:सुखदा बारह-दस यति, मन की बात कहेगुरु से करें पद-अंत, मंज़िल निकट रहेउदाहरण:१. नेता भ्रष्ट हुए जो / उनको धुनना हैजनसेवक जो सच्चे / उनको सुन...
 पोस्ट लेवल : sukhda chhand सुखदा छंद
शिवम् मिश्रा
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सभी हिन्दी ब्लॉगर्स को नमस्कार।सुखदेव (अंग्रेज़ी:Sukhdev, जन्म- 15 मई, 1907, पंजाब; शहादत- 23 मार्च, 1931, सेंट्रल जेल, लाहौर) को भारत के उन प्रसिद्ध क्रांतिकारियों और शहीदों में गिना जाता है, जिन्होंने अल्पायु में ही देश के लिए शहादत दी। सुखदेव का पूरा नाम 'सुखदेव...
शिवम् मिश्रा
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आज अमर शहीद सुखदेव जी की ११२ वीं जयंती है ! सुखदेव जी का जन्म पंजाब के शहर लायलपुर में श्रीयुत् रामलाल थापर व श्रीमती रल्ली देवी के घर विक्रमी सम्वत १९६४ के फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष सप्तमी तदनुसार १५ मई १९०७ को अपरान्ह पौने ग्यारह बजे हुआ था । जन्म से त...
 पोस्ट लेवल : 23/03 15/05 शहीद सुखदेव
kumarendra singh sengar
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कहते हैं कि दुःख-दर्द को बहुत दिनों तक याद नहीं रखना चाहिए. जीवन में घटित होने वाली कष्टकारी घटनाओं को भी भुला कर आगे बढ़ना चाहिए. जीवन का फलसफा यही होना चाहिए, इसी में ज़िन्दगी का सार भी है. सभी के जीवन में अच्छे-बुरे पलों का आना होता है, सुखद-दुखद घटनाओं का आना होत...
 पोस्ट लेवल : दुर्घटना सुख-दुःख
kumarendra singh sengar
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समस्याएं सबसे साथ होती हैं पर हमें सिर्फ अपनी समस्या ही सबसे बड़ी क्यों लगती है? कष्ट किसी न किसी रूप में सबके साथ जुड़ा है पर हमें सिर्फ अपना ही कष्ट क्यों सबसे बड़ा दिखाई देता है? क्यों हमें किसी और के कष्ट, समस्या बड़ा समझ नहीं आता? क्यों अपने ही कष्ट को, अपनी समस्य...