ब्लॉगसेतु

शिवम् मिश्रा
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नमस्कार मित्रो आज का दिन, 23 मार्च अपने आपमें बहुत ख़ास है. आज शहीद दिवस है, लोहिया जी का जन्मदिन है और इस वर्ष आज ही होली मनाई जा रही है. ये बात तो सभी लोग जानते हैं कि लोहिया जी ने जमीनी राजनीति का एक मानक स्थापित किया और इसी के चलते वे आज भी राजनीति में एक स्तम्भ...
शिवम् मिश्रा
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सरदार भगतसिंह का अंतिम पत्र अपने साथियों के नाम :  “22 मार्च,1931,“साथियो,स्वाभाविक है कि जीने की इच्छा मुझमें भी होनी चाहिए, मैं इसे छिपाना नहीं चाहता। लेकिन मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूँ, कि मैं क़ैद होकर या पाबंद होकर जीना नहीं चाहता।  मेर...
शिवम् मिश्रा
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शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,वतन पर मरनेवालों का यही बाक़ी निशाँ होगा.कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे,जब अपनी ही ज़मीं होगी और अपना आसमाँ होगा.कुछ ऐसा सोचते हुए हमारे वीर बाँकुरे देश को आज़ादी दिलाने के लिए हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया करते...
पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ निर्भीक
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1 सितम्बर 2015 :मान-शान की इच्छा से दिये गए लाख रूपये की तुलना में प्रेम व ईमानदारी से दान किये गए मुट्ठी भर चावल का अधिक महत्व है.2 सितम्बर 2015 : यदि आप हिम्मत का पहला कदम आगे बढायेगे तब परमात्मा की सम्पूर्ण मदद मिल जायेगी.3 सितम्बर 2015 : मुस्कराना, संतुष्टता की...
सुमन कपूर
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जीये जाते हुए जाना व्यर्थ नहीं होता कुछ भी हर पल के हिस्से में लिखा होता है कुछ खास चाहा या अनचाहा आस के ढेर पर बैठ जीए जाते हैं हम अनेक पल हर आने वाले पल में तलाश करते हैं बस ख़ुशीभूल जाते हैं अपने गुनाह अपनी इच्छाओं की चाहते हैं पूर्ति  ताउम्र देखते हैं सपने...
मधुलिका पटेल
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मैं स्त्री हूँ इसलिए मैं हर रिश्ते को काटती और बोती हूँ हर रिश्ते के रास्ते से मैं गुज़री हूँ हर रिश्ते को मैने जिया हैहर रिश्ते की कड़वाहट को मैंने पिया हैमैं एक स्त्री हूँ इसलिए मैंने फटे टूटे नए पुराने सभी रिश्ते सिए हैं सब रिश...
शिवम् मिश्रा
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आज अमर शहीद सुखदेव जी की १०८ वीं जयंती है ! सुखदेव जी का जन्म पंजाब के शहर लायलपुर में श्रीयुत् रामलाल थापर व श्रीमती रल्ली देवी के घर विक्रमी सम्वत १९६४ के फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष सप्तमी तदनुसार १५ मई १९०७ को अपरान्ह पौने ग्यारह बजे हुआ था । जन्म से तीन माह...
 पोस्ट लेवल : शहीद सुखदेव 23/03 15/05
सुमन कपूर
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हाँ मैं नास्तिक हूँ नहीं बजाती रोज़ मंदिरों की घंटियाँ ना ही जलाती हूँ आस का दीपक नहीं देती ईश्वर को दुखों की दुहाई ना ही करती हूँ क्षणिक सुखों की कामना नहीं चढ़ाती जल फूल फल मेवा ना ही जपती हूँ आस्था के मनके की माला |हाँ मैं दूर बैठ मांगती हूँ अपने कर्मों को भोगने क...
 पोस्ट लेवल : आस्था नास्तिक सुख
डा.राजेंद्र तेला निरंतर
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अवरोधों की आँधियों के बीच वृक्ष के पत्ते सा फड़फड़ाया हूँनिराशा की गर्मी में झुलसा हूँअसफलता के आसूओं की वर्षा में भीगा हूँ अतिवृष्टि से त्रस्त पंछी जैसे सहमा हूँ कैक्टस जैसे ज़िया हूँभाग्य से लड़ता रहा हूँअवरोधों की आँधियों के बीच जीवन के मरुस्थल में अविचल खड़ा हूँविश्...
Akhilesh Karn
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गायिका -- विंध्यवासिनी देवीबड़ सुख सार पाओल तु अति रेछोड़यित निकट नयन बहनी रे....बड़ सुख सार पाओल तु अति रेछोड़यित निकट नयन बहनी रे....कर जोरी विनमय विमल तरंगेकर जोरी विनमय विमल तरंगेपुनि दरशन होय पुनमति गंगेपुनि दरशन होय पुनमति गंगेबड़ सुख सार....एक अपराध छेमब मोर...