सुनो प्रिये !मैं बहुत नाराज़ हूँ आपसेआपने आज फिर भेज दियेचार लाल गुलाब के सुन्दर फूलप्यारे कोमल सुप्रभात संदेश के साथमाना कि ये वर्चुअल हैं / नक़ली हैं लेकिन इनमें समायाप्यार का एहसास / महक तो असली हैनादाँ हूँ / प्रकृतिप्रेमी हूँ  / कवि हूँकदाचित...