ब्लॉगसेतु

राजीव तनेजा
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"कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता/कहीं ज़मीं नहीं मिलती..कहीं आसमां नहीं मिलता"ज़िन्दगी में हर चीज़ अगर हर बार परफैक्ट तरीके से..एकदम सही से..बिना किसी नुक्स..कमी या कोताही के एक्यूरेट हो..मेरे ख्याल से ऐसा मुमकिन नहीं। बड़े से बड़ा आर्किटेक्ट..शैफ या कोई नामीगिरामी...
रविशंकर श्रीवास्तव
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sahitya shilpi
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sahitya shilpi
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अंजू शर्मा
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वरिष्ठ कथाकार सुभाष नीरव जी लघुकथा और अनुवाद के क्षेत्र में जाना-माना नाम हैं!  लेकिन पिछले दिनों मध्यमवर्गीय सरोकारों के बीच बुनी गई उनकी कई मार्मिक कहानियां भी पढ़ने को मिली!  स्वयंसिद्धा के पाठकों के लिए प्रस्तुत है आज उनकी एक कहानी - ‘रंग बदलता मौसम’!&...
 पोस्ट लेवल : सुभाष नीरव कहानी
अविनाश वाचस्पति
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पिता अब नहीं रहे। गत 22 अक्‍तूबर बृहस्‍पतिवार रात्रि 10.30 बजे) उन्‍होंने मुझसे छोटे दो भाइयों की गोद में अंतिम सांस ली। जीवन भर दुख - तकलीफों और मुश्किलों से लोहा लेने वाले पिता अपनी भयंकर बीमारी से भी अपनी जीर्ण-शीर्ण काया में भी बची खुची शक्ति से चुपचाप जूझते रह...
 पोस्ट लेवल : सुभाष नीरव